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This Article is From Feb 17, 2026

23 साल बाद बड़ा फैसला: प्रत्युषा केस में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सिद्धार्थ रेड्डी 4 हफ्ते में सरेंडर करें

सुप्रीम कोर्ट ने 23 वर्ष पुराने तेलुगु अभिनेत्री प्रत्युषा मौत मामले में सिद्धार्थ रेड्डी की दोषसिद्धि को बरकरार रखा और उन्हें चार सप्ताह में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है. अदालत ने बलात्कार के आरोप को गलत मानते हुए दोनों पक्षों की अपीलें खारिज कर दीं.

23 साल बाद बड़ा फैसला: प्रत्युषा केस में सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सिद्धार्थ रेड्डी 4 हफ्ते में सरेंडर करें
  • SC ने तेलुगु अभिनेत्री प्रत्युषा की मौत मामले में गुडिपल्ली सिद्धार्थ रेड्डी की दोषसिद्धि बरकरार रखी है
  • अदालत ने सिद्धार्थ रेड्डी को चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है
  • कोर्ट ने बलात्कार के आरोप को असिद्ध बताते हुए ज़हर सेवन और सुसाइड पैक्ट को दंडनीय माना है
नई दिल्ली:

तेलुगु अभिनेत्री प्रत्युषा की मौत के 23 साल बाद इस हाई‑प्रोफाइल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है. अदालत ने गुडिपल्ली सिद्धार्थ रेड्डी की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए उन्हें चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है. यह फैसला जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने सुनाया. अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले में बलात्कार का अपराध सिद्ध नहीं होता है. साथ ही यह भी कहा गया कि जहर खाने का तथ्य स्थापित है और “सुसाइड पैक्ट” यानी आत्महत्या का समझौता भी दंडनीय अपराध है. 

अभिनेत्री की मां की याचिका भी खारिज

कोर्ट ने रेड्डी की बरी होने की मांग वाली अपील और अभिनेत्री की मां सरोजिनी देवी की वह याचिका भी खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने घटना को हत्या बताते हुए कड़ी सज़ा की मांग की थी. यह मामला वर्ष 2002 का है, जब 22 वर्षीय प्रत्युषा ने अपने प्रेमी सिद्धार्थ रेड्डी के साथ कथित रूप से कीटनाशक खा लिया था. अस्पताल ले जाते समय प्रत्युषा की मौत हो गई, जबकि रेड्डी बच गए. घटना के बाद यह विवाद बना रहा कि यह आत्महत्या थी या सुनियोजित हत्या.

जांच के बाद सीबीआई ने रेड्डी पर आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया था. 2004 में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें पांच साल की सज़ा सुनाई. बाद में 2011 में हाईकोर्ट ने सज़ा घटाकर दो साल कर दी और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया.

रेड्डी ने खुद को बरी कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जबकि प्रत्युषा की मां ने कड़ी सज़ा की मांग करते हुए याचिका दायर की थी. नवंबर 2025 में इस मामले की सुनवाई पूरी हुई, जिसके बाद अदालत ने फरवरी 2026 में अपना अंतिम निर्णय सुनाया. 

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Pratyusha Death Case, Siddharth Reddy, Supreme Court
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