चुनाव आयोग को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी फटकार लगी. चुनावी फुटेज गायब होने पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकारते हुए कहा कि इस तरह के 'कमजोर बहाने' यहां नहीं चलेंगे.
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से एक मामले में चुनावी फुटेज मांगे थे. इस पर चुनाव आयोग की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह फुटेज मिल नहीं रहे हैं. इस पर जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने कड़ी नाराजगी जताई.
मामला कांग्रेस नेता टीडी राजेगौड़ा की याचिका से जुड़ा था. उन्होंने 2023 के कर्नाटक विधानसभा में श्रृंगेरी सीट से चुनाव जीता था. बाद में हाई कोर्ट ने बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में फैसला सुनाया. राजेगौड़ा ने हाई कोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
बुधवार को जब सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से चुनावी रिकॉर्ड मांगे तो वकील ने कहा कि गिनती की फुटेज मिल नहीं रही है. इसी पर सुप्रीम कोर्ट नाराज हो गया और चुनाव आयोग को फटकार लगा दी.
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क्या है पूरा मामला?
2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार टीडी राजेगौड़ा ने श्रृंगेरी सीट से चुनाव जीता. बाद में बीजेपी उम्मीदवार जीवराज ने कर्नाटक हाई कोर्ट में इसे चुनौती दी.
हाई कोर्ट ने पोस्टल बैलेट की दोबारा गिनती करने का आदेश दिया. कोर्ट के आदेश पर जब दोबारा गिनती हुई तो राजेगौड़ा के वोटों की संख्या कम हो गई और जीवराज को विजेता घोषित कर दिया गया.
राजेगौड़ा ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. मई में सुप्रीम कोर्ट ने राजेगौड़ा को अंतरिम राहत देते हुए आदेश दिया था कि जब तक उनकी याचिका पर कोई फैसला नहीं आ जाता, तब तक वह विधायक बने रहेंगे.
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
बुधवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच ने चुनाव आयोग से चुनावी फुटेज मांगे. इस पर आयोग के वकील ने कहा कि अब तक वोटों की ओरिजिनल गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिली है. उसे ढूंढा जा रहा है.
कोर्ट ने सवाल किया कि चुनाव आयोग यह कैसे कह सकता है कि उसने उस चुनाव से जुड़े रिकॉर्ड खो दिए हैं जो उसने खुद कराया था.
इस मामले पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 15 फरवरी 2027 तक की है. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अगर चुनाव आयोग रिकॉर्ड नहीं दे पाता है तो उसके खिलाफ फैसला लिया जा सकता है.
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