सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जंतर-मंतर के विकल्प के तौर पर विरोध-प्रदर्शन के लिए दूसरी जगह तय करने को कहा है. अदालत ने यह निर्देश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के उस आश्वासन के बाद दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रदर्शन के लिए किसी अन्य स्थान को निर्धारित करने पर विचार करेगी.
सभी पक्षों ने जताई सहमति
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमने किसी अन्य स्थान को निर्धारित विरोध-प्रदर्शन स्थल बनाने के संबंध में जल्द निर्णय लेने की बात कही है. यह बहुत अच्छा सुझाव था और प्रदर्शनकारियों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने भी इस पर निष्पक्षता से सहमति जताई.
CJI सूर्यकांत ने कहा कि सभी पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि अब समय आ गया है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए एक वैकल्पिक स्थान की पहचान की जाए, जहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें.उन्होंने कहा कि सक्षम प्राधिकारी इस संबंध में उचित निर्णय ले.
जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन को नहीं मिली इजाजत
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. दिल्ली पुलिस ने सीजेपी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से मना कर दिया है. 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए कहा कि प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई है. पुलिस ने बताया कि आयोजकों ने पहले के प्रदर्शन के दौरान कानूनी निर्देशों और अपने वादों का पालन नहीं किया था, इसलिए इस बार इजाजत नहीं दी गई.
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