- 13 अगस्त को महाराष्ट्र के नांदेड़ हुआ था सुखबीर सिंह बादल पर हमला
- जानलेवा हमले में घायल हो गए थे सुखबीर सिंह बादल
- हरसिमरत कौर बादल ने इसे 'सोची-समझी राजनीतिक साजिश' बताया
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुए हमले को लेकर उनकी पत्नी और बठिंडा से लोकसभा सांसद हरसिमरत कौर बादल ने बयान दिया है. हमले को "सोची-समझी राजनीतिक साजिश" बताते हुए कहा कि जो भी इसके पीछे था, उसे सिख नहीं कहा जा सकता. मामले की तह तक जाने के लिए मैंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से इसकी जांच का अनुरोध किया है और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी से होनी चाहिए, ताकि इस साजिश का खुलासा हो सके.
NDTV से बातचीत में उन्होंने कहा, सुखबीर सिंह बादल पहले ही कह चुके हैं कि वह किसी भी राष्ट्र-विरोधी ताकत से डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने दावा किया कि सुखबीर सिंह बहुत जल्द पंजाब में होने वाली राजनीतिक रैलियों में शामिल होंगे.
हरसिमरत कौर ने कहा कि सुखबीर सिंह पर उस समय हमला किया गया, जब वह सिखों के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक में पंजाब की शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना कर रहे थे. उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि जिसने भी उन पर हमला किया, वह सिख नहीं हो सकता. हरसिमरत कौर ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल पर साल में यह दूसरा हमला है. उन्होंने दावा किया कि यह हमला पंजाब की शांति भंग करने के लिए 2015 से रची जा रही एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश का हिस्सा है.
महाराष्ट्र के नांदेड़ में हुआ था सुखबीर पर हमला
सुखबीर सिंह बादल पर बीते 13 अगस्त को महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारे के बाहर उस वक्त हमला हो गया था जब वे परिवार के साथ दर्शन करके बाहर निकल रहे थे. इस जानलेवा हमले में वह घायल हो गए थे. हरसिमरत कौर ने शनिवार को बताया था कि सुखबीर बादल को 150 टांके आए हैं, उनकी दाहिने हाथ की हड्डी में चोट लगी थी. गौरतलब है कि दो साल पहले दिसंबर 2024 में सुखबीर सिंह बादल पर गोल्डेन टेंपल के बाहर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें वह बाल-बाल बचे थे.
हमारे और बच्चों के ऊपर क्या बीत रही है, हम जानते हैं: हरसिमरत कौर
हरसिमरत कौर ने शनिवार को कहा था, ''हमारे पूरे परिवार के सामने सुखबीर सिंह बादल जी के ऊपर जानलेवा हमला हुआ. हमारे और बच्चों के ऊपर क्या बीत रही है, हम जानते हैं. दरबार में जाकर हम सब भूल जाते हैं कि गुरु का हाथ हमारे सिर पर है. वहां पर हमारे ऊपर हमला हुआ है. हम जब अरदास करके निकल रहे थे तो उन पर हमला हुआ. ऐसा हमला कोई गुरुधोखी ही करेगा.''
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