- श्रीनगर में शनिवार को पारा 21 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस महीने में अब तक का सबसे ज्यादा तापमान है
- श्रीनगर ही नहीं, कश्मीर घाटी के गुलमर्ग और पहलगाम जैसे ऊंचे इलाकों में भी असामान्य गर्मी महसूस हो रही है
- इस बार सर्दी के मौसम में बारिश और बर्फबारी औसत से कम होने के कारण ग्लेशियरों में बर्फ की कमी हो गई है
ठंडी बयारों और दिलकश नजारों के लिए प्रसिद्ध श्रीनगर का मंजर इन दिनों हैरान करने वाला है. जिस वक्त कश्मीर की वादियों को बर्फ की सफेद चादर में लिपटा होना चाहिए, वो आज असामान्य गर्मी में तप रही हैं. शनिवार को श्रीनगर में मौसम का ऐसा रौद्र रूप देखा, जिसने पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया. शहर का अधिकतम तापमान सीधे 21 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा, जो इस मौसम के औसत तापमान से करीब 10 डिग्री ज्यादा है.
दशक में सबसे गर्म फरवरी का महीना
कश्मीर में सर्दी के मौसम में ही गर्मी का एहसास होने लगा है और कई इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से 9 से 11 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा रहा है. इसकी वजह से कश्मीर में फरवरी का महीना करीब एक दशक में पहली बार अब तक का सबसे अधिक गर्म महीना बन गया है.

श्रीनगर शहर में रिकॉर्डतोड़ गर्मी
श्रीनगर में शनिवार को तापमान 21 डिग्री पहुंचने पर मौसम विभाग ने बताया कि यह फरवरी के दौरान शहर में अब तक का सर्वोच्च अधिकतम तापमान है. इससे पहले 24 फरवरी 2016 को 20.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था.
गुलमर्ग, पहलगाम में भी पारा चढ़ा
चौंकाने वाली बात ये है कि सिर्फ श्रीनगर ही नहीं, घाटी के ऊंचे इलाके भी इस बेवक्त की गर्मी की चपेट में हैं. यहां पड़ रही गर्मी ने लोगों की नींद उड़ा दी है. बर्फीली वादियों के लिए मशहूर गुलमर्ग में अधिकतम टेंपरेचर 11.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और पहलगाम में पारा 17.2 डिग्री सेल्सियस को छू गया.
जम्मू इलाके का बुरा हाल
जम्मू क्षेत्र का भी बुरा हाल है. जम्मू शहर में अधिकतम तापमान यहां 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक है. कटरा में 25 डिग्री, बटोटे में 19.9 डिग्री, बनिहाल में 19.8 डिग्री और भदरवाह में 21.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया.
हो सकती है पानी की किल्लत
सर्दियों में बर्फ का कम गिरना और ऊपर से फरवरी में रिकॉर्डतोड़ गर्मी अब पहाड़ों में इकट्ठा बर्फ को समय से पहले ही पिघला रही है. इसका सीधा मतलब है कि आने वाली गर्मियों में कश्मीर की नदियों और झरनों में पानी की किल्लत हो सकती है.
अब मार्च में बर्फबारी से उम्मीद
फरवरी में तापमान में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के कारण आने वाले दिनों में भारी बर्फबारी की संभावना कम ही है. ऐसे में मौसम वैज्ञानिकों की नजर अब मार्च पर है, जब बर्फबारी हो सकती है. लेकिन अभी तो फरवरी में सामान्य से अधिक तापमान ने किसानों, कृषि विशेषज्ञों और बागवानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं.
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