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बजट 2026-27 में AI, Deep Tech स्टार्टअप इकोसिस्टम पर विशेष फोकस ज़रूरी... PHDCCI ने क्यों कहा ऐसा, पढ़ें

PHDCCI के सेक्रेटरी जनरल रणजीत मेहता ने एनडीटीवी से कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि वित्त मंत्री "विकसित भारत" के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भविष्य के लिए नया आधार तैयार करने के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर पूंजीगत खर्च (Capex) बढ़ाएंगी.

बजट 2026-27 में AI, Deep Tech स्टार्टअप इकोसिस्टम पर विशेष फोकस ज़रूरी... PHDCCI ने क्यों कहा ऐसा, पढ़ें
नई दिल्ली:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस साल के बजट को अंतिम रूप देने में जुटी हैं. इस साल का बजट 01 फरवरी को रविवार के दिन लोक सभा में ११ बजे पेश होगा. इसको लेकर उद्योग जगत और बाज़ार में उत्सुकता बढ़ती जा रही है.बजट 2026-27 की प्राथमिकताओं पर एनडीटीवी से विशेष बातचीत में उद्योग संघ PHDCCI के ED और सेक्रेटरी जनरल रंजीत मेहता ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस साल के बजट में Artificial Intelligence (AI), Deep Tech और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मज़बूत करने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का फोकस रहेगा. AI भविष्य है. हम देश में एक मजबूत AI इकोसिस्टम बनाने के लिए अधिक बजटीय आवंटन की उम्मीद करते हैं.

भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है,अब इस क्षेत्र में ग्रोथ की संभावनाओं को देखते हुए इसे और आगे बढ़ाने की ज़रुरत है. इसके लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट और स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मज़बूत और उसका विस्तार करने के लिए बजट में विशेष प्रावधान ज़रूरी होंगे.साथ ही, PHDCCI को उम्मीद है कि इस साल के बजट में 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के बड़े लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री आर्थिक सुधारों का एक नया रोडमैप ('Next Wave of Economic Reforms') पेश करेंगी.

PHDCCI के सेक्रेटरी जनरल रणजीत मेहता ने एनडीटीवी से कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि वित्त मंत्री "विकसित भारत" के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भविष्य के लिए नया आधार तैयार करने के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर पूंजीगत खर्च (Capex) बढ़ाएंगी. वित्त मंत्री को Ease of Doing Business के साथ-साथ Cost of Doing Business पर भी ध्यान देना चाहिए, उन्हें व्यवसाय करने की लागत से संबंधित मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए. विकसित भारत के लक्ष्य को बजटिंग के साथ align करने की ज़रुरत है.

PHDCCI के मुताबिक, देश में करीब 7 करोड़ छोटे-लघु (MSME) उद्योग हैं. वैश्विक अर्थव्यवस्था में MSME उद्यमियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए उन तक आसान शर्तों पर क्रेडिट पहुँचाना ज़रूरी है, और बेहतर मार्किट एक्सेस के लिए सपोर्ट की ज़रूरत है.इस साल का बजट ऐसे समय पर तैयार किया जा रहा है जब अंतराष्ट्रीय राजनीति में अनिश्चितता के बादल गहरा रहे हैं. अमेरिका ने भारत पर जो 50% रेसिप्रोकाल टैरिफ लगाया है उसकी तलवार अब भी लटक रही है. अमेरिका के साथ प्रस्तावित bilateral trade agreement कब फाइनल होगा इसको लेकर तस्वीर साफ़ नहीं है.PHDCCI का सुझाव है कि इस माहौल में एक्सपोर्ट पर आधारित ग्रोथ स्ट्रेटेजी को आगे बढ़ाना ज़रूरी है, और बजट में इसके लिए विशेष प्रावधान करने बेहतर होगा.  

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