विज्ञापन

किस साबुन, शैंपू या टूथपेस्ट में वेज या नॉनवेज प्रोडक्ट का इस्तेमाल, लाल-हरे रंग का कलर कोड बताएगा, सरकार का आदेश

उपभोक्ता मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. अब साबुन, शैंपू और टूथपेस्ट पर भी शाकाहारी या मांसाहारी निशान दिखाना अनिवार्य रहेगा. इन आइटमों की पैकेजिंग को लेकर नए नियम जारी कर दिए गए हैं.

किस साबुन, शैंपू या टूथपेस्ट में वेज या नॉनवेज प्रोडक्ट का इस्तेमाल, लाल-हरे रंग का कलर कोड बताएगा, सरकार का आदेश
साबुन, शैंपू पर वेज या नॉनवेज का निशान दिखाना होगा
  • साबुन, शैंपू या टूथपेस्ट की पैकेजिंग को लेकर सरकार ने नए नियम जारी कर दिए हैं.
  • साबुन, शैंपू या टूथपेस्ट के पैकेट पर वेज या नॉनवेज का हरा और लाल निशान दिखाना जरूरी कर दिया है.
  • कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरी उत्पादों की पैकेजिंग को लेकर यह ताजा नियम अब जारी कर दिए हैं.

अब साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट जैसे प्रोडक्ट पर वेज और नॉनवेज का निशान दिखाना जरूरी कर दिया गया है. भारत सरकार ने फैसला किया है कि साबुन-शैंपू के साथ सभी तरह के कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरी उत्पादों की पैकेजिंग शाकाहारी का हरा और मांसाहारी का लाल निशान दिखाना ही होगा. उपभोक्ता विभाग की तरफ से पैकेजिंग को लेकर नए नियम जारी कर दिए गए हैं. ग्राहक को यह जानने का पूरा अधिकार होगा कि वह जिस प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह शाकाहारी है या फिर मांसाहारी. नए नियमों के मुताबिक शाकाहारी मूल के उत्पादों के लिए हरे रंग की बिंदी लगानी होगी. जबकि मांसाहारी मूल के उत्पादों के लिए लाल या भूरे रंग की बिंदी लगाई जाएगी. ताकि ग्राहकों को पूरी जानकारी मिल सके. यह निशान पैकेज के मुख्य डिस्प्ले पैनल के सबसे ऊपर लगाया जाएगा. 

खरीददारी आसान करना 

भारत सरकार के फैसले के पीछे खरीददारी को आसान करना है. दरअसल, ग्राहक को किसी उत्पाद के पीछे लिखे बारीक केमिकल नामों को पढ़ने या समझने की जरूरत नहीं होगी. सिर्फ एक निशान देखकर ही वे समझ जाएंगे कि प्रोडक्ट उनके इस्तेमाल के लिए है या नहीं है. 

हरा निशान

अगर किसी साबुन, शैंपू या क्रीम समेत अन्य प्रोडक्ट पर पूरी तरह से हरे रंग का निशाना बना है तो यह शाकाहारी माना जाएगा. प्रोडक्ट के पैकेट पर एक हरे रंग का वर्गाकार बॉक्स और उसके अंदर हरा बिंदु रहेगा. जिससे यह तय होगा कि यह पूरी तरह से वेज प्रोडक्ट है. 

लाल निशान

अगर किसी भी उत्पाद को बनाने में  किसी भी स्तर पर एनिमल फैट का इस्तेमाल किया गया है. तो फिर उस पैकेट पर लाल या भूरे रंग का निशान लगाना अनिवार्य होगा. ताकि यह तय हो जाएगा कि यह नॉनवेज प्रोडक्ट है. 

2011 के नियमों में बदलाव

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने यह बदलाव पैकेजिंग के लिए 2011 से लागू नियमों में किया है. इसकी अधिसूचना जारी हो गई है. यानी अब साबुन, शैंपू और टूथपेस्ट खरीदते समय ग्राहक पैकेजिंग पर लगे हरे, लाल या भूरे निशान से उत्पाद के मूल के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे. 

कंपनियों को पैकेजिंग में करना होगा बदलाव 

भारत सरकार के इस फैसले के बाद कॉस्मेटिक कंपनियों को अपने उत्पादों की पैकेजिंग में बदलाव करना होगा और अपनी सप्लाई चेन व सामग्रियों की सोर्सिंग को पूरी तरह स्पष्ट करना होगा. शुरुआती दौर में कंपनियों के लिए यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन दीर्घकालिक रूप से इससे ब्रांड्स के प्रति ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा.  

ये भी पढ़ेंः भारत को समंदर में मिला बड़ा गैस भंडार, ONGC का 'समुद्र-मंथन', जानिए कहां मिली कामयाबी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Soap Shampoo Sea Bath, Vegetarian Products, Shampoo, Consumer Affairs Ministry, Green Mark
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com