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शरद पवार की नातिन बन रही लखानी परिवार की दुल्‍हन, क्‍या NCP आएगी बीजेपी-RSS के करीब?

शरद पवार की नातिन रेवती सुले और भाजपा नेता अरुण लखानी के बेटे सारंग की शादी से राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ी है. शादी से एनसीपी और भाजपा-आरएसएस के बीच रिश्तों में नजदीकी बढ़ने की संभावना पर सवाल उठ रहे हैं.

शरद पवार की नातिन बन रही लखानी परिवार की दुल्‍हन, क्‍या NCP आएगी बीजेपी-RSS के करीब?
मुंबई:

शरद पवार की नातिन बन रही लखानी परिवार की दुल्‍हन बनने जा रही है. रेवती सुले और बीजेपी नेता अरुण लखानी के बेटे सारंग के शादी को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा है. लखानी परिवार लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी के खेमे में खड़ा रहा है. ऐसे में चर्चाएं हैं कि क्‍या रेवती और सारंग का रिश्‍ता दो परिवारों के साथ-साथ एनसीपी और बीजेपी-RSS को भी करीब लेकर आएगा? 

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत दोनों परिवारों के बीच बढ़ती नजदीकी को लेकर बार-बार कटाक्ष कर रहे हैं, खासकर आगामी चुनावों के लिए बीजेपी की एमएलसी उम्‍मीदवारों की लिस्‍ट में अरुण लखानी का नाम शामिल होने के बाद. अरुण लखानी वर्धा-चंद्रपुर-गढचिरोली से चुनाव लड़ेंगे. महाराष्ट्र के इन दो प्रमुख परिवारों के बीच गठबंधन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अहम भूमिका निभाई है. ये दोनों ही नागपुर से हैं और लखानी और पवार परिवारों के साथ उनके लंबे समय से रिश्‍ते रहे हैं.

अरुण लखानी कौन हैं?

महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के मलकापुर से एमटेक अरुण लखानी एक ऐसे परिवार से आते हैं, जिसकी जड़ें आरएसएस की परंपराओं में गहरी जमी हुई हैं. उनके पिता ने 1934 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से एमटेक की डिग्री हासिल की थी और वे संघ से सक्रिय रूप से जुड़े रहे थे, जबकि उनके बड़े भाई वर्तमान में मलकापुर के संघचालक हैं. अरुण लखानी 1999 से बीजेपी से जुड़े हुए हैं और वर्तमान में भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के संयुक्त कोषाध्यक्ष का पद संभाले हुए हैं. यह पद उन्होंने दिसंबर 2023 में संभाला था.
राजनीति से परे, अरुण लखानी ने खेल प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. वे 2014 से महाराष्ट्र बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष, 2016 से भारतीय बैडमिंटन एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और 2022 से राष्ट्रीय निकाय के कोषाध्यक्ष रहे हैं. उन्हें 2026 में महाराष्ट्र ओलंपिक एसोसिएशन का कोषाध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था. 

क्‍या पास आएंगे NCP और बीजेपी? 

बीजेपी द्वारा उम्‍मीदवार बनाने पर उठ रहे सवालों के बीच अरुण लखानी ने कहा कि उनके नामांकन में कुछ भी असामान्य नहीं है और राजनीति व पारिवारिक संबंध अलग-अलग मामले हैं. सारंग और रेवती की शादी 20 जून को होने वाली है. बीजेपी उम्मीदवार नामित होने के बाद अरुण लखानी ने एक मराठी समाचार चैनल को बताया, "सुप्रिया ताई ने मुझे बधाई संदेश भेजा. पवार परिवार का जिक्र स्वाभाविक है, क्योंकि यह एक बड़ा राजनीतिक परिवार है और हम रिश्तेदार हैं. मुझे इसमें कुछ भी असामान्य नहीं लगता."
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी राजनीतिक संबद्धता और पवार परिवार से पारिवारिक संबंध एक अनूठा समीकरण बनाते हैं, तो अरुण लखानी ने कहा कि राजनीति अलग है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी विचारधाराओं के लिये प्रतिबद्ध हैं.

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