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नहीं थे पति-पत्नी वाले संबंध, गोमूत्र पिलाया... उद्धव के पूर्व सांसद की बहू के ससुराल वालों पर गंभीर आरोप

विनायक राउत ने अपनी बहू पर आरोप लगाते हुए कहा, 'पहली बैठक में 5 करोड़ रुपये, एक 3-रूम फ्लैट, 2 लाख रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता और एक गाड़ी की मांग की गई थी. दूसरी बैठक में प्रतिमाह 5 लाख रुपये और 10 करोड़ रुपये की मांग की गई.'

नहीं थे पति-पत्नी वाले संबंध, गोमूत्र पिलाया... उद्धव के पूर्व सांसद की बहू के ससुराल वालों पर गंभीर आरोप
शिवसेना उद्धव के पूर्व सांसद विनायक राउत 3 फरवरी, 2020 को नई दिल्ली में संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में बोलते हुए. (फाइल फोटो)
  • गिरिजा ने पति गीतेश पर शादी के बाद भी शारीरिक संबंध न बनाने और सार्वजनिक रूप से अपमान करने का आरोप लगाया है
  • शिकायत में दवा देकर मासिक धर्म टालने और अघोरी प्रथाओं के जरिए इलाज कराने के आरोप भी शामिल हैं
  • गिरिजा के अनुसार पति ने विदेश में ही शारीरिक संबंध बनाने की बात कही और घरेलू हिंसा के कई मामले हुए हैं

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद विनायक राउत के परिवार में चल रहा विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है. उनकी बहू गिरिजा राऊत द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत (FIR) में पति गीतेश राउत, सास-ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों पर मानसिक प्रताड़ना, शारीरिक हिंसा, अपमान, धमकी और वैवाहिक जीवन में उत्पीड़न जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है.

हनीमून पर भी नहीं बने शारीरिक संबंध

शिकायत के अनुसार, शादी के बाद देवदर्शन कार्यक्रम के उपरांत गिरिजा और गीतेश राउत हनीमून के लिए ऊटी गए थे. गिरिजा का आरोप है कि छह दिनों तक साथ रहने के बावजूद पति ने उनसे शारीरिक संबंध नहीं बनाए और लगातार दूरी बनाए रखी.

जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो कथित तौर पर गीतेश ने कहा कि "मेंटल कनेक्शन होना ज्यादा जरूरी है. शादी में शारीरिक संबंधों का कोई खास महत्व नहीं है. मुझे हनीमून जैसी चीजों से ऊब होती है." शिकायत के मुताबिक, इसके बाद भी पति लगातार उन्हें टालते रहे.

पाली गणपति मंदिर में सबके सामने किया अपमान

एफआईआर में गिरिजा ने कहा है कि ऊटी से लौटने के बाद दोनों मालवण स्थित पैतृक गांव तळगांव में आयोजित स्वागत समारोह के लिए जा रहे थे. रास्ते में पाली गणपति मंदिर में दर्शन के दौरान साड़ी और गहनों की वजह से उन्हें चलने में थोड़ी देर हुई. आरोप है कि इसी बात पर गीतेश राउत ने सार्वजनिक रूप से उनका अपमान किया और कथित तौर पर कहा कि "तुम्हारी औकात नहीं कि तुम्हें कहीं लेकर जाऊं."

गिरिजा का आरोप है कि पति अक्सर किसी भी स्थान, समय या आसपास मौजूद लोगों की परवाह किए बिना उनसे झगड़ा करते थे और तब तक बहस करते रहते थे जब तक उनका गुस्सा शांत नहीं हो जाता.

'सिर्फ विदेश में ही शारीरिक संबंध बना सकता हूं'

एफआईआर में सबसे चौंकाने वाला आरोप वैवाहिक संबंधों को लेकर लगाया गया है. गिरिजा के मुताबिक, उनके पति का कहना था कि वह केवल इंटरनेशनल लोकेशन पर ही शारीरिक संबंध बना सकते हैं और भारत में ऐसा करने में सहज महसूस नहीं करते.

शिकायत के अनुसार, मुंबई स्थित घर में पति कहते थे कि घर में मां को सब सुनाई देगा, जबकि मालवण स्थित घर में घरेलू सहायक का हवाला देकर भी वह दूरी बनाए रखते थे. गिरिजा का आरोप है कि जब भी उन्होंने पति के करीब आने की कोशिश की, उन्हें धक्का देकर दूर कर दिया जाता था और कहा जाता था कि "मैं बहुत नाजुक हूं, तुम्हें समझ नहीं है क्या?"

ऑस्ट्रेलिया ट्रिप के दौरान मारपीट का आरोप

गिरिजा ने शिकायत में वर्ष 2018 की ऑस्ट्रेलिया यात्रा का भी उल्लेख किया है. उनके अनुसार, इस यात्रा में भी पति ने उनसे दूरी बनाए रखी. जब उन्होंने शारीरिक संबंधों को लेकर बात करने की कोशिश की तो कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई.

एफआईआर के मुताबिक, गीतेश ने कथित रूप से उन्हें धमकी देते हुए कहा कि "अगर मुझे हाथ लगाया तो विधवा हो जाओगी." गिरिजा का आरोप है कि उन्हें कई बार भूखा रखा गया, गालियां दी गईं और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया.

ससुराल वालों पर भी गंभीर आरोप

शिकायत में गिरिजा ने केवल पति ही नहीं बल्कि ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर भी मानसिक उत्पीड़न, अपमानजनक व्यवहार और घरेलू प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि विवाह के बाद लगातार उन पर मानसिक दबाव बनाया गया और कई मौकों पर उन्हें अकेला छोड़ दिया गया.

सास पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनकी सास शामल राउत उनके पति की मौजूदगी और गैरमौजूदगी में अलग-अलग व्यवहार करती थीं. उन्हें लगातार ताने दिए जाते थे, मायके वालों का अपमान किया जाता था और पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव पैदा किया जाता था.

मासिक धर्म टालने के लिए दवाइयां देने का आरोप

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि विनायक राउत के सार्वजनिक कार्यक्रमों में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसलिए सास और पति कथित रूप से शिकायतकर्ता पर बार-बार मासिक धर्म टालने वाली गोलियां लेने का दबाव डालते थे. लगातार दवाइयां लेने से उनकी तबीयत खराब होने का दावा भी शिकायत में किया गया है.

अघोरी प्रथाओं और बाबाओं के जरिए इलाज कराने का आरोप

एफआईआर का सबसे गंभीर हिस्सा कथित अंधविश्वास और अघोरी प्रथाओं से जुड़ा है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि 2018 से 2022 के बीच विनायक राउत के कहने पर उन्हें अलग-अलग बाबाओं के पास ले जाया गया. शिकायत के अनुसार, उन पर नींबू काटना, गोमूत्र पिलाना, राख पिलाना, जीवित मुर्गे, कच्चे मांस, तंत्र-मंत्र, कैंची घुमाना, बाल उखाड़ना और अन्य कथित अघोरी अनुष्ठान किए गए. शिकायत में दावा किया गया है कि इन अनुष्ठानों के दौरान पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने से भी रोका जाता था. 

पति की अक्षमता छिपाने का आरोप

गिरिजा राउत ने एफआईआर में आरोप लगाया है कि उनके पति शारीरिक संबंध बनाने में सक्षम नहीं थे और यह बात विनायक राउत तथा शामल राउत को पहले से पता थी. इसके बावजूद उनसे विवाह कराया गया. शिकायत में आरोप है कि इस तथ्य को छिपाने के लिए अंधविश्वास और कथित अघोरी उपचारों का सहारा लिया गया. 

IVF और 'होम इंसैमिनेशन' का दबाव

एफआईआर में कहा गया है कि विभिन्न डॉक्टरों से इलाज के बावजूद पति ने सामान्य चिकित्सा सलाह नहीं मानी. शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन पर प्राकृतिक गर्भधारण के बजाय कथित रूप से "होम इंसैमिनेशन" अपनाने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उन्हें धमकाया और अपमानित किया गया. 

विनायक राउत का आरोपों पर जवाब

जादू-टोना करने के आरोपों पर शिवसेना (उद्धव गुट ) के वरिष्ठ  नेता और पूर्व सांसद विनायक राउत ने कहा है कि मुझ पर और मेरे परिवार पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से झूठे हैं. गीतेश की पत्नी पिछले तीन साल से उसके साथ नहीं रह रही है. उसके माता-पिता भी बाबा-बुवा के पास जाते थे, तो फिर उन्होंने तब शिकायत क्यों नहीं की? 2022 में घटी घटना की शिकायत 2026 में की जा रही है, जिससे साफ पता चलता है कि इनकी नीयत में खोट है, दाल में कुछ काला है. इन आरोपों का असली कारण तलाक का केस है. 

विनायक राउत ने अपनी बहू पर आरोप लगाते हुए कहा, 'पहली बैठक में 5 करोड़ रुपये, एक 3-रूम फ्लैट, 2 लाख रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता और एक गाड़ी की मांग की गई थी. दूसरी बैठक में प्रतिमाह 5 लाख रुपये और 10 करोड़ रुपये की मांग की गई. मानसिक प्रताड़ना के मुआवजे के रूप में 2 करोड़ रुपये अतिरिक्त मांगे गए. यानी कुल 12 करोड़ रुपये की मांग की गई. इसके अलावा घर और गाड़ी की मांग को भी बरकरार रखा गया. जब हमने ये भारी-भरकम मांगें नहीं मानीं, तब उसने इस तरह के हथकंडे अपनाए और झूठे आरोप लगाए. मामला अब अदालत में है. हम यहीं रह रहे हैं और ठाणे सत्र न्यायालय में केस दायर किया गया है. मैं अघोरी उपचार टोना-टोटका के आरोपों का पूरी तरह से खंडन करता हूं. इस मामले की अगली सुनवाई 23 को है.' 

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