दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में भारी बारिश के बीच एक इमारत भरभराकर गिर गई. इस हादसे में कई लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है. जानकारी मिल रही है कि इस इमारत में बड़ी संख्या में छात्र रह रहे थे और कई छात्र मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं.
मौके पर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. यह हादसा सत्य निकेतन में शिव मंदिर के पास हुआ है. बताया जा रहा है कि इमारत में पीजी चल रहा था. ऐसे में मलबे में छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. अभी तक कुछ लोगों को मलबे से निकाला जा चुका है, जबकि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है.
बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 1:30 बजे यह हादसा हुआ. अचानक इमारत भरभराकर गिर गई और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग मलबे में तब्दील हो गया. स्थानीय लोग भी तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए और मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने में मदद की.
इस हादसे की कई तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें तबाही का मंजर साफ देखा जा सकता है. मलबे का ढेर इतना बड़ा है कि अंदाजा लगाया जा सकता है कि इमारत कितनी बड़ी थी.
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अब 10 तस्वीरों के जरिए समझने की कोशिश करते हैं कि सत्य निकेतन में हुआ यह हादसा कितना भयावह है-

हॉस्टल ढहने के बाद दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज किया है. पुलिस पीजी के मालिक आनंद बंसल को खोज रही है. जानकारी के मुताबिक, इस इमारत को एक साल पहले ही खाली करा दिया गया था.

सत्य निकेतन इमारत ढहने के बाद इसके मलबे से 4 लोगों को निकाला गया है. जानकारी के मुताबिक, 3 लोगों की हालत नाजुक है.

साउथ-वेस्ट दिल्ली में सत्य निकेतन के पास बिल्डिंग गिरने की घटना पर DUSU प्रेसिडेंट आर्यन मान ने कहा, "अभी तक करीब 10-15 स्टूडेंट्स को बचाया गया है, हालांकि कुछ अभी भी अंदर फंसे हुए हैं.

हादसे के बाद इमरजेंसी व्हीकल को निकालने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है. वहीं भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आरएएफ बुलाया गया है.

मौके पर जेसीबी के साथ-साथ दमकल की भी 12 गाड़िया मौके पर मौजूद हैं. अंदर फंसे लोगों को जल्द से जल्द निकालने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है.

बताया जा रहा है कि बिल्डिंग जर्जर हो चुकी थी. लगातार हो रही बारिश के कारण बिल्डिंग भरभराकर नीचे गई.



सत्य निकेतन का इलाका छात्रों का गढ़ माना जाता है. पास में ही दिल्ली यूनिवर्सिटी का साउथ कैंपस है.

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