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IRCTC के CMD संजय कुमार जैन का इस्तीफा मंजूर, टर्म पूरा होने से पहले क्यों किया रिजाइन?

संजय जैन आईआरसीटीसी के समूह महाप्रबंधक (उत्तर क्षेत्र),लोक उद्यम विभाग में संयुक्त सचिव, राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम लिमिटेड के अंशकालिक अध्यक्ष और सीईओ भी रह चुके हैं.

IRCTC के CMD संजय कुमार जैन का इस्तीफा मंजूर, टर्म पूरा होने से पहले क्यों किया रिजाइन?
संजय कुमार जैन को फरवरी, 2024 में आईआरसीटीसी का अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बनाया गया था.

भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम लिमिटेड (IRCTC) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक संजय कुमार जैन का इस्तीफा मंजूर हो गया है. इस संबंध में 22 जून को आदेश जारी करते हुए रेल मंत्रालय ने कहा कि संजय कुमार जैन 20 जुलाई को पद से इस्तीफा देंगे. सक्षम प्राधिकारी ने उनके इस्तीफे को स्वीकृति दे दी है. रेलवे बोर्ड ने IRCTC को निर्देश दिया है कि जैन को नियमानुसार कार्यमुक्त किया जाए. वहीं नए CMD की नियुक्ति होने तक पद का अतिरिक्त प्रभार किसे दिया जाएगा, इस बारे में अलग से आदेश जल्द किया जाएगा.

संजय कुमार जैन को फरवरी, 2024 में आईआरसीटीसी का अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बनाया गया था. उनका कार्यकाल अभी दिसंबर 2026 तक था लेकिन उन्होंने 6 महीने पहले ही पद से इस्तीफा दे दिया. 1990 बैच के भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS ) अधिकारी श्री संजय कुमार जैन सीएमडी बनने से पहले उत्तर रेलवे में प्रिंसिपल चीफ कॉमर्शियल मैनजर (PCCM) के पद पर तैनात थे. वह क्वालिफाइड चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं.

रेल मंत्री अवार्ड से सम्मानित

संजय जैन को दो बार (1999, 2019) रेल मंत्री अवार्ड से भी नवाजा गया था. वो वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक (दानापुर) और मध्य रेलवे मुंबई के मंडल रेलवे प्रबंधक (DRM) के रूप में काम कर चुके हैं.

हालांकि, जैन के इस्तीफे की क्या वजह है, उन्होंने खुद से फैसला किया है या उनसे कहा गया था, इसकी कोई जानकरी सामने नहीं आई है. लेकिन सूत्रों के अनुसार, उन्होंने डेढ़ महीने पहले ही मंत्रालय को इस्तीफा भेज दिया था. 

बेहतर वित्तीय प्रदर्शन हुआ दर्ज

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने पिछले कुछ वर्षो में बेहतर प्रदर्शन किया है.कॉरपोरेशन ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे बेहतर वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है. कंपनी का कुल राजस्व बढ़कर 5,215 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक है. पिछले 5 वर्षों में राजस्व की औसत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 29% रही है. ऑपरेटिंग मुनाफा (EBITDA) 1,666 करोड़ रुपये रहा, जो कंपनी के इतिहास में सबसे अधिक है. पिछले 5 वर्षों में इसकी CAGR 17.52% रही है.जबकि नेट वर्थ बढ़कर 4,308 करोड़ रुपये हो गई है. 

पिछले 5 वर्षों में इसमें 23.20% की औसत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई. कर के बाद लाभ (PAT) 1,393 करोड़ रुपये रहा, जो अब तक का सबसे अधिक है. पिछले 5 वर्षों में PAT की CAGR 20.56% रही है. कंपनी ने टर्नओवर, EBITDA और PAT तीनों में नया रिकॉर्ड बनाया है. इसके अलावा बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर कंपनी को 'मिनी रत्न' से 'नवरत्न' का दर्जा मिला. साथ ही कंपनी का दर्जा शेड्यूल ‘B' PSU से बढ़ाकर शेड्यूल ‘A' PSU कर दिया गया है.

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