
- संभल लॉ कमीशन की रिपोर्ट में बताया गया है कि नवंबर की हिंसा में हिंदुओं को निशाना बनाने की योजना थी
- आजादी के बाद संभल में हिंदुओं की आबादी घटकर 15 प्रतिशत रह गई है
- संभल में आतंकी संगठनों जैसे अलकायदा और ISIS का सक्रिय नेटवर्क होने की जानकारी रिपोर्ट में शामिल है
Sambhal Law Commission Report: यूपी के संभल में हिंसा की जांच के लिए बने आयोग ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं. इसमें कहा गया है कि नवंबर की हिंसा में हिंदुओं को निशाना बनाने की तैयारी थी. रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि आजादी के बाद से संभल में हिंदुओं की आबादी लगातार कम होती चली गई. इतना ही नहीं इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि संभल में अलकायदा जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों का भी नेटवर्क है.
कितनी कम हुई हिंदुओं की संख्या?
यूपी के संभल को लेकर जो लॉ कमीशन की रिपोर्ट सामने आई है, उसमें बताया गया है कि साल 1947 में संभल में हिंदू आबादी 45% थी, जो अब घटकर 15% हो चुकी है. यहां दंगों के चलते लगातार पलायन होता रहा. वहीं मुस्लिम आबादी 55 फीसदी से बढ़कर 85% हो गई है.
- आजादी के बाद से 2019 तक संभल में कुल 15 बार दंगे हुए.
- दंगों ने संभल की पूरी तस्वीर बदल दी और हिंदुओं की जनसंख्या में कमी आती रही.
- संभल से ब्रेनवाश और लव जिहाद की खौफनाक कहानी की भी बात सामने आई है.
संभल में आतंकी नेटवर्क एक्टिव
- आयोग की रिपोर्ट में हरकत-उल-मुजाहिदीन, तहरीक-ए-तालिबान का खेल सामने आया है. बताया गया है कि यहां अलकायदा जैसे खौफनाक आतंकी संगठनों का नेटवर्क है.
- वैश्विक आतंकियों की टॉप टेन लिस्ट में संभल का कनेक्शन, संभल का मौलाना आसिम उमर, अहमद रजा उर्फ शाहरुख, मोहम्मद आसिफ भी संभल के आतंकी
- संभल से पूरे दक्षिण एशिया में विस्तार हो रहा था आतंकी नेटवर्क, मौलाना असीम था अल कायदा का कमांडर
- आतंकी संगठन ISIS से भी था संभल से निकले आतंकियों का कनेक्शन
- अब तक संभल से निकले छह आतंकियों की पहचान हुई, संभल से गायब चार संदिग्धों का अब तक पता नहीं चला
- मोहम्मद आसिफ था अलकायदा इंडिया का चीफ, जफर मसूद करता था अलकायदा में भर्ती का काम
- अफगानिस्तान में मारा गया था संभल का असीम उमर, पाकिस्तान के गजवा ए हिन्द का कनेक्शन
रिपोर्ट में बर्क का भी जिक्र
संभल से समाजवादी पार्टी सांसद जियाउर रहमान बर्क का जिक्र भी रिपोर्ट में किया गया है. इसमें कहा गया है कि बर्क का परिवार अराजकता फैलाता रहा है. साथ ही ये भी बताया गया है कि पिछली सरकारें जिया उर रहमान बर्क के खौफ में रहीं हैं. बताया गया है कि CAA पर जबरदस्ती, 6 दिन तक बाजारों को बंद करवाया गया था.
किशन लाल रेवड़ी, चमन लाल जैसे परिवारों की बेटियों को 'लव जिहाद' में फंसाने के आरोप भी इस रिपोर्ट में शामिल हैं. इसमें कहा गया है कि मुस्लिम युवकों ने साजिश के तहत लव जिहाद किया.
किसी ने नहीं सुना संभल का दर्द
संभल में एनडीटीवी की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान एक शख्स ने अपना दर्द बयां किया. संभल में हिंदुओं की आबादी घटने और पलायन की वजह पर शख्स ने बताया कि संभल का हिंदू अपनी जायदाद आधे पैसों में बेचकर जा रहा है. अपने काम को छोड़कर जा रहा है, उधारी छोड़कर जा रहा है. संभल के दर्द को किसी ने नहीं सुना है. 24 नवंबर की घटना में अगर प्रशासन वहां नहीं होता, तो आधे घंटे में पूरा शहर खत्म हो जाता.
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