विज्ञापन
This Article is From Apr 21, 2025

समय रैना की मुश्किलें बढ़ीं, सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया मामले में पक्षकार बनाने का दिया आदेश 

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम आरोपों से वास्तव में परेशान हैं. हम इन घटनाओं को रिकॉर्ड पर रखना चाहेंगे. यदि आपके पास ट्रांसक्रिप्ट के साथ वीडियो-क्लिपिंग है तो उन्हें लाएं. संबंधित व्यक्तियों को पक्षकार बनाएं और उपाय सुझाएं. फिर हम देखेंगे. 

सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना को पक्षकार बनाने को कहा है.
नई दिल्‍ली :

इंडिया गॉट लैटेंट मामले में समय रैना की मुश्किलें बढ़ गई है. दिव्यांग लोगों  के संबंध में समय रैना की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त है. सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगता और बीमारी पर चुटकुले बनाने पर समय रैना को पक्षकार बनाने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना को रणवीर इलाहाबादिया मामले में पक्षकार बनाने आदेश दिए हैं. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना की क्लिप को रिकॉर्ड पर लिया है, जिसमें अपनी आंख खो चुके एक व्यक्ति के साथ ही दो महीने के शिशु का मजाक उड़ाया गया था, जिसे जीवित रहने के लिए 16 करोड़ इंजेक्शन की जरूरत थी.

इस मामले में क्योर SMA फाउंडेशन ऑफ इंडिया फाउंडेशन कोर्ट पहुंची और उसने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि किस तरह से दिव्‍यांगों पर समय रैना ने हास्‍य चुटकुले बनाए हैं. इस पर जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने नाराजगी जताई. 

इस मामले में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हम आरोपों से वास्तव में परेशान हैं. हम इन घटनाओं को रिकॉर्ड पर रखना चाहेंगे. यदि आपके पास ट्रांसक्रिप्ट के साथ वीडियो-क्लिपिंग है तो उन्हें लाएं. संबंधित व्यक्तियों को पक्षकार बनाएं और उपाय सुझाएं. फिर हम देखेंगे. 

केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की है मांग

आवेदक ने शीर्ष अदालत से केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह 3 मार्च 2025 को पारित सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसरण में प्रस्तावित नियामक ढांचे में स्पष्ट रूप से प्रावधान शामिल करे, जिससे ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट के प्रकाशक, समाचार और समसामयिक मामलों की सामग्री के प्रकाशक, स्वयंभू प्रभावशाली व्यक्ति और सामग्री निर्माता, प्रसारक, मध्यस्थ, उपयोगकर्ता और अंतिम उपयोगकर्ता आदि सहित विभिन्न हितधारकों द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों, उनकी बीमारियों और उनके उपचार विकल्पों के खिलाफ कोई भी अपमानजनक, सक्षमतावादी और कमतर आंकने वाली सामग्री को विनियमत किया जा सके. 

धन जुटाना उपचार का महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा: फाउंडेशन  

आवेदक फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि SMA के उपचार के लिए इन दवाओं की कीमतें बहुत अधिक हैं और निश्चित रूप से सीमित या दुर्लभ संसाधनों वाले व्यक्तियों की पहुंच से बाहर हैं. इस प्रकार, निजी व्यक्तियों या हमारे जैसे संगठनों द्वारा अभियान चलाना और धन जुटाना, उपचार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है. 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
India Got Latent Case, Samay Raina, Supreme Court
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com