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जहाज में बैठे थे LGBTQ कम्युनिटी के 2000 लोग, तुर्की समेत दो देशों ने सीमा से ही लौटाया

तुर्की ने कहा कि हमारे नैतिक मूल्यों और जनता की चिंताओं को देखते हुए ऐसे जहाज को परमिशन देना संभव नहीं है. प्रशासन ने एक बयान में कहा कि इस जहाज में ऐसे लोग सवार थे, जिनका व्यवहार हमारे समाज के अनुकूल नहीं है.

जहाज में बैठे थे LGBTQ कम्युनिटी के 2000 लोग, तुर्की समेत दो देशों ने सीमा से ही लौटाया
  • मिस्र ने 2,000 यात्रियों से भरे क्रूज शिप को अपनी समुद्री सीमा में प्रवेश देने से स्पष्ट इनकार किया है
  • इस जहाज में ज्यादातर LGBTQ कम्युनिटी के लोग सवार थे, विशेषकर गे पुरुषों की संख्या अधिक थी
  • तुर्की ने भी नैतिक मूल्यों और जनता की चिंताओं का हवाला देते हुए इस जहाज को प्रवेश नहीं दिया
काहिरा:

मिस्र ने 2,000 यात्रियों से भरे क्रूज शिप को अपनी समुद्री से वापस भेज दिया है. इस जहाज को मिस्र ने एंट्री देने से ही इनकार कर दिया. इस जहाज में सवार लोगों में से ज्यादातर LGBTQ कम्युनिटी के थे. खासतौर पर गे पुरुषों की संख्या इनमें ज्यादा थी. मिस्र से पहले तुर्की ने भी इस जहाज को अपनी समुद्री सीमा में प्रवेश देने से इनकार कर दिया था. मिस्र के प्रशासन ने इस जहाज को रोके जाने का कोई आधिकारिक कारण नहीं दिया है. इन यात्रियों में ब्रॉडवे परफॉर्मर पट्टी लुपोन भी शामिल थे. उनका कहना था कि हम जब गुरुवार को सोकर उठे तो केबिन के अंदर एक लेटर पड़ा था. इसमें लिखा था कि मिस्र की जल सीमा में हमें एंट्री देने से इनकार किया गया है. 

इससे पहले एलेक्जेंड्रिया में जहाज के रुकने का प्लान था, लेकिन अब वहां जगह नहीं मिली है तो किसी और स्पॉट की तलाश की जा रही है. इस लेटर को लेकर अटलांटिस इवेंट्स के सीईओ रिच कैम्पबेल ने भी हैरानी जताई. उन्होंने कहा कि पहले भी हम इस तरह के टूर लाते रहे हैं और कभी ऐसी कोई समस्या सामने नहीं आई. ऐसे में जहाज को एंट्री न देने की बात ने हम लोगों को हैरान किया है. उन्होंने कहा कि हम लोगों ने बहुत मेहनत की थी कि एलेक्जेंड्रिया पर जहाज रुक सके, लेकिन इस फैसले ने हैरान किया है. हम सभी लोग इससे निराश हैं. 

इस जहाज को वर्जिन वॉयेजेस द्वारा चलाया जाता है और इसकी फंडिंग LGBTQ+ ट्रैवल कंपनी अटलांटिस इवेंट्स करती है. यह जहाज एथेंस वेनिस की यात्रा पर था. इस दौरान इसे कई जगहों पर कैंप भी करना था, लेकिन तुर्की और मिस्र की ओर से एंट्री देने से ही इनकार कर दिया गया. मिस्र के प्रशासन ने जहाज को एंट्री देने से इनकार किया है, लेकिन तुर्की ने वजह भी बताई है. 

तुर्की ने कहा कि हमारे नैतिक मूल्यों और जनता की चिंताओं को देखते हुए ऐसे जहाज को परमिशन देना संभव नहीं है. प्रशासन ने एक बयान में कहा कि इस जहाज में ऐसे लोग सवार थे, जिनका व्यवहार हमारे समाज के अनुकूल नहीं है. नैतिक रूप से भी उनका व्यवहार ठीक नहीं है. यदि हम उन्हें अपनी जल सीमा में एंट्री देते और रुकने का मौका देते तो लोगों में गुस्सा भड़कता. 

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