- समाजवादी पार्टी ने यूपी चुनाव से पहले IPAC के साथ अपना करार रद्द कर दिया है, जो चुनाव प्रबंधन में संलग्न था
- अखिलेश यादव ने ढाई महीने पहले IPAC और शो टाइम को चुनाव प्रबंधन और सोशल मीडिया से संबंधित काम सौंपा था
- IPAC की टीम विशेष रूप से उन सीटों पर काम कर रही थी जहां पिछली बार हार का अंतर बहुत कम था
यूपी चुनाव से पहले अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए IPAC से अपना करार रद्द कर दिया है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तकरीबन ढाई महीने पहले इलेक्शन मैनेजमेंट और सोशल मीडिया से जुड़ा कम दो कंपनियां IPAC और शो टाइम को दिया था.अब आईपैक समाजवादी पार्टी के लिए काम नहीं करेगी.
आईपैक से करार रद्द, शो टाइम काम जारी रखेगी
एनडीटीवी को मिली जानकारी के अनुसार, आईपैक की टीम खास तौर पर उन सीटों पर समाजवादी पार्टी के लिए काम कर रहा थी जहां पिछली बार हार का मार्जिन बहुत कम था. आईपैक की ज्यादा तर टीम उत्तर प्रदेश के बाहर से ही काम कर रही थी.अब आईपैक समाजवादी पार्टी के लिए काम नहीं करेगी. शो टाइम अपना काम जारी रखेगी.
IPAC पर कार्रवाई भी बनी वजह
सूत्रों के अनुसार, आई‑पैक (I‑PAC) के भीतर बताया गया है कि इस साल की शुरुआत में हुआ समझौता अब रद्द कर दिया गया है. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आई‑पैक के निदेशक विनेश चंदेल को बंगाल कोयला तस्करी से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया था, जिससे कंपनी के कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं. एक सूत्र ने बताया,“चुनाव आयोग की ओर से हमारे कार्यालयों पर छापे और निदेशक (विनेश चंदेल) की गिरफ्तारी के बाद यह सौदा पहले से ही डांवाडोल स्थिति में था” इस पूरे मामले ने कंपनी की गतिविधियों और भविष्य की साझेदारियों पर अनिश्चितता बढ़ा दी है.
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