राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा गद्दार कहे जाने पर जवाब देते हुए सचिन पायलट ने कहा है कि ऐसे झूठे आरोपों पर प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है. पायलट ने कहा कि यह ऐसा समय नहीं है जब एक दूसरे पर हमले बोले जाए. उन्होंने कहा कि अभी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के हाथ को मजबूत करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि देश में केवल कांग्रेस ही भाजपा को चुनौती दे सकती है. गुजरात में चुनाव चल रहे हैं, जहां अशोक गहलोत प्रभारी हैं. हमें भाजपा को हराने के लिए एकजुट लड़ाई लड़नी होगी.
गौरतलब है कि एनडीटीवी के साथ बात करते हुए अशोक गहलोत ने कहा था कि राजस्थान सरकार में उलटफेर करने के लिए सचिन पायलट ने जो बगावत की थी उसमें केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल थे. सचिन पायलट को अपनी 2020 में की गई बगावत के लिए माफी मांगनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्हें राजस्थान कांग्रेस के विधायक मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते.
सचिन पायलट यदि सीएम बनते तो आपत्ति क्या थी? सवाल के जवाब में गहलोत ने कहा था कि, ''जिनके कारण हम 34 दिन होटल में बैठे रहे, सरकार गिरा रहे थे ये. उसमें अमित शाह भी शामिल थे, धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल थे. सबकी दिल्ली में मीटिंग हो रही थी. हमारे कुछ एमएलए गए थे. लोग 34 दिन तक रिसॉर्ट में रहे. उनको उसी रिसॉर्ट में रखा गया था जहां मध्यप्रदेश के एमएलए गए थे.''
इधर सचिन पायलट के वफादार माने जाने वाले राजस्थान के मंत्री राजेंद्र सिंह गुडा ने भी गहलोत पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि सचिन पायलट को चारों ओर से घेर लिया गया है लेकिन सचिन वह अभिमन्यु है जिसे चक्रव्यूह भेदना आता है.
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