विदेशमंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar ) ने कहा कि सीमा पार से होने वाले किसी भी आतंकवादी कृत्य का जवाब देने के लिए भारत प्रतिबद्ध हैं. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि चूंकि आतंकवादी कभी भी नियमों से नहीं खेलते तो उनका जवाब देने के लिए भी नियम नहीं हो सकते. 2008 में 26/11 मुंबई आतंकी हमले पर प्रतिक्रिया को लेकर तत्कालीन यूपीए सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय सरकारी स्तर पर बहुत विचारविमर्श के बाद भी कुछ परिणाम नहीं निकला. जैसा कि महसूस किया जा रहा था कि पाकिस्तान पर हमला करने से ज्यादा हमला ना करने की कहीं कीमत चुकानी पड़ेगी.
आतंकियों के हमले को रोकने के लिए जरूरी
बता दें कि एस जयशंकर पुणे में 'भारत क्यों मायने रखता है: युवाओं के लिए अवसर और वैश्विक परिदृश्य में भागीदारी' नामक एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, वहीं उन्होंने अपनी बातें रखीं.उन्होंने युवाओं से पूछा कि अगर अब इस तरह का हमला होता है और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जाती तो आगे ऐसे हमलों को कैसे रोका जा सकता है.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
2014 के बाद विदेशनीति में आया बदलाव
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 2014 के बाद से भारत की विदेश नीति में बदलाव आया है और आतंकवाद से निपटने का यही तरीका है. यह पूछे जाने पर कि ऐसे कौन से देश हैं, जिनके साथ भारत को संबंध बनाए रखना मुश्किल लगता है, तो उन्होंने कहा कि पाकिस्तान.
आतंकवाद किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं
उन्होंने उल्लेख किया कि 1947 में पाकिस्तान ने कश्मीर में कबायली आक्रमणकारियों को भेजा और सेना ने उनका मुकाबला किया और राज्य का एकीकरण हुआ. विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘जब भारतीय सेना अपनी कार्रवाई कर रही थी, हम ठहर गए और संयुक्त राष्ट्र चले गए. हमने आतंकवाद के बजाय कबायली आक्रमणकारियों के कृत्यों का उल्लेख किया. अगर हमारा रुख शुरू से ही स्पष्ट होता कि पाकिस्तान आतंकवाद फैला रहा है तो बिल्कुल अलग नीति होती.'' उन्होंने कहा कि आतंकवाद किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता.
ये VIDEO भी देखें: जब PM मोदी ने Gamers के साथ याद किया PUBG Moment
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं