Jaipur News: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं के लिए पिछला एक साल काफी खास रहा है. 12 जून 2025 को RPSC के चेयरमैन बने उत्कल रंजन साहू (Utkal Ranjan Sahoo) का कार्यकाल आज (19 जून 2026) पूरा हो रहा है. अपनी विदाई से एक दिन पहले, गुरुवार 18 जून को उन्होंने जयपुर मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. इस दौरान आयोग के सभी सदस्यों, सचिव और चीफ एग्जामिनेशन कंट्रोलर की मौजूदगी में उन्होंने बताया कि कैसे अपने टेन्योर में तकनीक, सख्ती और तेज कामकाज से सिस्टम का पुराना कबाड़ साफ किया गया है. आइए जानते हैं कि अब तक क्या-क्या बदलाव हुए?
1. ठीक समय पर कराईं 187 भर्ती परीक्षाएं
RPSC ने भर्तियों को अटकाने की पुरानी आदत को पीछे छोड़ते हुए राइट टाइम पॉलिसी (Real Time Policy) को सख्ती से लागू किया. इसका सीधा असर यह हुआ कि पहले से तय कैलेंडर के हिसाब से सारी परीक्षाएं बिल्कुल समय पर करवाई गईं. अगर आंकड़ों की बात करें, तो पिछले ढाई साल में यानी 1 जनवरी 2024 से अब तक कुल 61 भर्तियों के विज्ञापन निकाले गए. वहीं, सिर्फ पिछले एक साल में ही युवाओं को तुरंत मौका देते हुए 14 हजार 536 पदों के लिए 16 बड़े विज्ञापन जारी किए गए. इस एक साल की छोटी सी मोहलत में 47 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के लिए 187 से ज्यादा परीक्षाएं सफलतापूर्वक करवाई गईं. रोजगार देने की स्पीड का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि 1 जनवरी 2024 से लेकर अब तक 16 हजार 218 सफल अभ्यर्थियों की सिफारिश विभागों को भेजी जा चुकी है, जिनमें से 10 हजार 220 उम्मीदवारों का चयन तो सिर्फ पिछले एक साल में ही हुआ है.
2. पेपर लीक से बचने के लिए 7-लेयर लॉक
पेपर लीक से निपटने के लिए आयोग ने इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए. एग्जाम पेपर्स को पूरी तरह से सुरक्षित रखने के लिए न्यूमैरिक लॉक के साथ 7-लेयर वाला सुरक्षा कवच लागू किया गया. परीक्षा हॉल में कोई भी गड़बड़ी न हो, इसके लिए हर कैंडिडेट की सीट की रियल-टाइम डेट और टाइम स्टैंप के साथ अत्याधुनिक वीडियोग्राफी करवाई गई. इन सख्त पहरों का ही नतीजा था कि सभी परीक्षाएं पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और 'जीरो-लीकेज' के साथ पूरी हुईं.
3. हर दिन 60 उम्मीदवारों के इंटरव्यू किए
चयन प्रक्रिया को जल्दी पूरा करने के लिए इंटरव्यू की स्पीड को भी काफी बढ़ाया गया. एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए हर वर्किंग डे पर औसतन 60 उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए गए. इस तरह पूरे कार्यकाल के दौरान कुल 14 हजार 885 अभ्यर्थियों के इंटरव्यू सफलतापूर्वक पूरे किए गए. इसके अलावा, सिस्टम में युवाओं का भरोसा पक्का करने के लिए एक बेहद पारदर्शी शुरुआत की गई. अब फाइनल रिजल्ट जारी होने के तुरंत बाद सफल उम्मीदवारों के नंबर आयोग की वेबसाइट पर सबके सामने रख दिए जाते हैं.
ये भी पढ़ें:- गूगल का स्मार्ट स्पीकर, जो बिना 'Ok Google' बोले समझ लेगा आपकी अधूरी बात, कुत्ता कहां है, ये भी बताएगा
4. बारह साल बाद फिर कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम
परीक्षाओं को और ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए RPSC ने जनवरी 2026 से एक बार फिर से कंप्यूटर आधारित भर्ती परीक्षा यानी CBRT शुरू कर दी है. आपको बता दें कि इससे पहले यह सिस्टम साल 2013-14 में इस्तेमाल किया गया था. इस नई शुरुआत के तहत आयुष विभाग में व्याख्याता और सहायक विद्युत निरीक्षक की परीक्षाएं पूरी ईमानदारी से करवा ली गई हैं और उनकी रिस्पॉन्स शीट भी जारी कर दी गई है. इसके साथ ही आने वाले समय में 4 और ऑनलाइन परीक्षाएं होने वाली हैं. इनमें कारखाना एवं बॉयलर और केमिकल निरीक्षक की परीक्षा 19 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है. वहीं, सहायक निदेशक व वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी परीक्षा-2025 का आयोजन 13 से 15 अक्टूबर 2026 के बीच और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी परीक्षा-2026 का आयोजन 13 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच किया जाएगा.
5. 34000 कर्मचारियों का प्रमोशन, 20 नए पद बने
आयोग ने सिर्फ नई भर्तियों पर ही नहीं, बल्कि पहले से काम कर रहे सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन पर भी पूरा ध्यान दिया. कर्मचारियों के समय पर प्रमोशन के लिए आयोग ने रिकॉर्ड 666 डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) की बैठकें कीं. इसका सीधा फायदा 34 हजार 986 राज्य कर्मचारियों को मिला और उनके प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया. इसके अलावा आयोग के कामकाज को बेहतर ढंग से चलाने के लिए साल 2025-26 में उप-सचिव, सहायक सचिव और अनुभाग अधिकारी जैसे 20 नए पद भी बनाए गए हैं. प्रशासनिक सुधार के तहत आयोग की नियमावली के पहले और दूसरे खंड को अपडेट किया गया है और समय सीमा पार कर चुकी पुरानी फाइलों या अनुपयोगी दस्तावेजों को नियम के हिसाब से नष्ट करने की कार्रवाई भी पूरी की गई है.
6. कबाड़ तहखाना बना बेरोजगारों की किस्मत का 'लॉकर रूम'
प्रशासनिक कामकाज के अलावा आयोग की बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर में भी कई शानदार बदलाव किए गए हैं. सबसे खास बात यह है कि मुख्य बिल्डिंग के बेसमेंट में पिछले 20 सालों से पानी भरने और सीलन की बहुत गंभीर समस्या थी, जिसके कारण वह अहम जगह एकदम बेकार पड़ी थी. अब वहां हाई-टेक वॉटरप्रूफिंग और मरम्मत का काम करवाकर उसे जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए आयोग की छत पर 250 किलोवॉट का एक बड़ा सोलर प्लांट लगाया गया है. कामकाज के आधुनिक विस्तार के लिए 807 लाख रुपये की लागत से मुख्य परीक्षा नियंत्रक ब्लॉक को बड़ा करने, नए इंटरव्यू बोर्ड रूम बनाने और एक आधुनिक स्टोर बनाने का काम भी काफी तेजी से प्रगति पर है.
ये भी पढ़ें:- मगरमच्छ के बाड़े में अजनबी ने फेंका 3 साल का मासूम, बचाने के लिए 20 फीट ऊपर से कूद गई महिला
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं