एअर इंडिया की A320 फ्लाइट AI2379 फुकेट से दिल्ली मामले में नागरिक उड्डयन मंत्रालय का बयान सामने आया है. मंत्रालय ने इसे एक गंभीर मामले के रूप में देखा है और उचित जांच की बात कही है. अभी के लिए घटना के बाद नियमों के तहत दोनों पायलटों का साइकोएक्टिव सब्सटेंस स्क्रीनिंग टेस्ट किया गया. कैप्टन के टेस्ट में ऐसा रिजल्ट आया, जिसके लिए दोबारा पुष्टि करने वाला टेस्ट जरूरी है. कैप्टन का सैंपल अधिकृत लैब भेज दिया गया है
अभी फाइनल रिपोर्ट का इंतजार है. इसका मतलब यह नहीं है कि पायलट निश्चित रूप से नशे में था. अंतिम पुष्टि लैब की रिपोर्ट के बाद ही होगी. इस घटना को गंभीर विमानन घटना के रूप में दर्ज किया गया है। मामले की जांच AAIB कर रहा है.जांच पूरी होने और टेस्ट की अंतिम रिपोर्ट आने तक दोनों पायलटों को DGCA ने ड्यूटी/रोस्टर से हटा दिया है
इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच और कन्फर्मेटरी टेस्ट के नतीजों के आधार पर होगी. नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA ने कहा है कि विमान सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखा जाएगा. घटना की पूरी जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार जरूरी कार्रवाई की जाएगी.
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पूरे मामले में DGCA कई एंगल से कर रहा जांच
जांच में यह देखा जा रहा है कि पायलटों ने टर्बुलेंस की स्थिति को सही तरीके से संभाला या नहीं? यह भी जांच हो रही है कि टर्बुलेंस मौसम की वजह से हुआ या किसी अन्य कारण से.विमान को अचानक नीचे आने से कोई तकनीकी नुकसान, जैसे हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी, तो नहीं हुई.यह भी देखा जा रहा है कि घटना के बाद विमान को दिल्ली तक ले जाना सही फैसला था या उसे वाराणसी या लखनऊ जैसे नजदीकी एअरपोर्ट पर उतारना चाहिए था. जांच पूरी होने तक इस फ्लाइट के पायलटों को फ्लाइंग ड्यूटी से हटा दिया गया है. यह निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है.
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