- ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट की 10वीं ब्रेकथ्रू टनल का काम पूरा हो गया
- ऋषिकेश से कर्णप्रयाग के बीच 127 किमी लंबी रेल लाइन में 105 किमी का रास्ता सुरंग से होकर जाएगा
- मेरठ से ऋषिकेश तक नमो भारत कॉरिडोर भी दिल्ली से चारधाम यात्रा को आसान करेगा
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद या एनसीआर के अन्य शहरों से चारधाम यात्रा की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है, क्योंकि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है. इससे दिल्ली से चारधाम यात्रा पर जाने वालों का समय 6 घंटे कम हो जाएगा. केदारनाथ-बद्रीनाथ यात्रा की 80 फीसदी दूरी ट्रेन से तय की जा सकेगी. दिल्ली से कर्णप्रयाग तक ट्रेन से पहुंच सकेंगे. इस रेल प्रोजेक्ट से ऋषिकेश से कर्णप्रयाग सड़क मार्ग से 6 से 7 घंटे की दूरी सिर्फ 2 से 2.5 घंटे रह जाएगी.दिल्ली-मेरठ-ऋषिकेश नमो भारत यानी RRTS रैपिड रेल भी 2029 तक पूरी हो सकती है, जो ढाई घंटे वक्त लेगी. ऐसे में दिल्ली से महज 6 या 6.5 घंटे में कर्णप्रयाग पहुंच जाएंगे.
एस्केप टनल-1 का आखिरी ब्रेकथ्रू
इस रेल परियोजना की 10 किमी की दूसरी सबसे लंबी सुरंग एस्केप टनल-1 का आखिरी ब्रेकथ्रू 11 सितंबर को पूरा हुआ. ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के डीजीएम ओपी मालगुडी ने बताया कि प्रोजेक्ट का 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है. ये रेल लाइन 2029 तक चालू हो जाएगी. जबकि शिवपुरी-ब्यासी तक ट्रेन 2028 से चलने लगेगी. यूपी, पंजाब, हरियाणा के तीर्थयात्रियों को भी इसका फायदा होगा. ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है.

दिल्ली से ऋषिकेश, कर्णप्रयाग की यात्रा ट्रेन से
दिल्ली से कर्णप्रयाग बस या कार से जाने पर अभी कम से कम 12-13 घंटे लगते हैं. वंदे भारत की बात करें तो दिल्ली से ऋषिकेश तक 3-4 घंटे और आगे ऋषिकेश से कर्णप्रयाग ट्रेन से यात्रा में 2-2.5 घंटे लगेंगे. यानी दिल्ली से कर्णप्रयाग 5 से 6 घंटे पहुंच जाएंगे, जिससे आधा समय बचेगा. मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर जैसे यूपी के शहरों के लिए यह उत्तराखंड चारधाम यात्रा के लिए आसान रूट बनेगा. पंजाब और हरियाणा में अंबाला, चंडीगढ़, पानीपत या कुरुक्षेत्र के यात्री सीधे हरिद्वार, ऋषिकेश तक मेन रेल नेटवर्क से आगे कर्णप्रयाग की सीधी ट्रेन पकड़ सकेंगे. हरिद्वार या ऋषिकेश उतरकर घुमावदार पहाड़ी रास्तों पर 7-8 घंटे की बस, टैक्सी यात्रा का झंझट खत्म हो जाएगा.
गढ़वाल मंडल के 5 जिलों को फायदा
उत्तराखंड में देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली के लिए ये रेल लाइन वरदान बनेगी. इसमें ऋषिकेश, मुनि की रेती, शिवपुरी, ब्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर गढ़वाल, धारी देवी, तिलणी (रुद्रप्रयाग), घोलतीर, गौचर और कर्णप्रयाग नाम के 12 रेलवे स्टेशन होंगे. ज्यादातर स्टेशन और ट्रैक सुरंगों के अंदर बने हैं. इससे भूस्खलन, मलबा गिरने और भारी बारिश में ट्रेन सेवा चालू रहेगी. चीन सीमा (LAC) से करीबी की वजह से सेना और रसद सामग्री को पहुंच तेजी से आगे सीमावर्ती इलाकों तक होगी किसानों, बाग मालिकों और व्यापारी कम समय मे उत्पाद सीधे दिल्ली-एनसीआर की बाजार में पहुंचा सकेंगे.
चारधाम यात्रा कितनी आसान होगी?
अभी ऋषिकेश से बद्रीनाथ धाम तक सड़क मार्ग से जाने में 10-11 घंटे लगते हैं. लेकिन ऋषिकेश से ट्रेन कर्णप्रयाग तक ट्रेन से 2 घंटे ट्रेन और आगे जोशीमठ-बद्रीनाथ सड़क से सफर करने पर 4-5 घंटे लगेंगे. कर्णप्रयाग ट्रेन से पहुंचने से बद्रीनाथ की सड़क दूरी बेहद कम रह जाएगी, बुजुर्ग श्रद्धालुओं को खासकर बेहतर सुविधा मिलेगी.
गौरीकुंड आधार शिविर से यात्रा
ऋषिकेश से केदारनाथ धाम यात्रा में अभी गौरीकुंड तक सड़क मार्ग तक जाने में 3.5 से 4.5 घंटे लगते हैं. रेललाइन बनने से इसमें रुद्रप्रयाग, तिलणी तक डेढ़ घंटे ट्रेन यात्रा हो जाएगी. फिर गौरीकुंड के लिए यात्री आसानी से केदारनाथ रूट की बस टैक्सी पकड़ सकेंगे. हेमकुंड साहिब यात्रा में अभी 10-12 घंटे लगते हैं, लेकिन कर्णप्रयाग गोविंदघाट रेल परियोजना से इसमें 5-6 घंटे ही लगेंगे. पंजाब और हरियाणा के सिख यात्रियों को फायदा पहुंचेगा.
ये भी पढ़ें - दिल्ली से चारधाम यात्रा आसान होगी, 7 घंटे बचेंगे, मेरठ-ऋषिकेश रैपिड रेल, कर्णप्रयाग रेल लाइन से बदलेगी तस्वीर
चारधाम यात्रा का किराया
मॉनसून सीजन के दौरान ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर तोताघाटी, सिरोबगड़ जैसे जोखिम भरे मार्ग पर भूस्खलन जोन में घंटों जाम रहता है. रेल लाइन का 85 फीसदी हिस्सा टनल में होने के कारण बेरोकटोक ट्रेनें चलेंगी.टैक्सी और प्राइवेट बसों के भारी किराये से राहत मिलेगी. संकरे घुमावदार पहाड़ी रास्तों पर सड़क हादसों का खतरा कम होगा और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा. भारत-तिब्बत-चीन सीमा तक भारतीय सेना के जवानों,भारी हथियारों, टैंक और रसद बेहद कम समय में बॉर्डर तक पहुंचाई जा सकेगी. इससे देश की सीमाएं और अधिक मजबूत होंगी.
मेरठ-ऋषिकेश नमो भारत ट्रेन से भी फायदा
मेरठ से मुजफ्फरनगर के रास्ते हरिद्वार और ऋषिकेश तक नमो भारत रैपिड रेल भी चलाने की तैयारी है. चूंकि दिल्ली से मेरठ नमो भारत ट्रेन पहले ही चल रही है, लिहाजा दिल्ली से ऋषिकेश महज दो से ढाई घंटे में पहुंचा जा सकेगा.
ये भी पढ़ें - Namo Bharat: दिल्ली-मेरठ से दौड़ेगी एक और रैपिड रेल! उत्तराखंड के हरिद्वार-ऋषिकेश तक नमो भारत चलाने की तैयारी, जानें डिटेल
ये भी पढ़ें - Namo Bharat: नमो भारत रैपिड रेल ही नहीं, नोएडा एयरपोर्ट तक चलेगी बुलेट ट्रेन! रेल मंत्री दे सकते हैं गुड न्यूज
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं