नई दिल्ली:
- 39 सदस्यीय पैनल में सचिन पायलट को शामिल किया गया है. पार्टी के इस फैसले को लेकर जानकारों का मानना है कि इस कदम का उद्देश्य राजस्थान चुनाव से पहले लोकप्रिय नेता को कांग्रेस साधना चाहती है. पायलट ने 2020 में अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिसके बाद उन्हें उपमुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस प्रमुख के पद से हटा दिया गया था.
- आनंद शर्मा और शशि थरूर को सीडब्ल्यूसी में जगह मिली है. दोनों उन 23 वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में से थे, जिन्होंने पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कई मुद्दों को उठाया था. थरूर ने बाद में कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ा था. वह गांधी परिवार की पसंद माने जाने वाले मल्लिकार्जुन खड़गे से चुनाव हार गए थे.
- पैनल में शामिल अन्य नए लोगों में दीपा दास मुंशी और सैयद नसीर हुसैन शामिल हैं. दास मुंशी पश्चिम बंगाल से पूर्व सांसद और अनुभवी कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत प्रिय रंजन दास मुंशी की पत्नी हैं. वहीं हुसैन राज्यसभा सदस्य हैं, जो पहले कांग्रेस की राष्ट्रीय मीडिया पैनलिस्ट के रूप में काम कर चुकी हैं.
- नए पैनल की संरचना युवा नेताओं को बढ़ावा देने की कांग्रेस की योजना के विपरीत है. इस साल की शुरुआत में, पार्टी के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा था कि पार्टी के आधे पदाधिकारियों की उम्र 50 से कम होनी चाहिए. नई सीडब्ल्यूसी में, केवल तीन नेता 50 से कम उम्र के हैं - सचिन पायलट, गौरव गोगोई और के पटेल.
- प्रियंका गांधी वाड्रा को भी सीडब्ल्यूसी में शामिल किया गया है. सूत्रों का कहना है कि अब वह उत्तर प्रदेश के प्रभारी पद की जिम्मेदारियों से मुक्त हो सकती हैं.
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