- ईरान में फंसे कश्मीरी मेडिकल छात्रों का जत्था आर्मेनिया की सीमा पार कर सुरक्षित स्थानों की ओर बढ़ चुका है.
- उर्मिया विश्वविद्यालय के छात्र सबसे पहले सीमा पार कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं.
- शिराज मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्र कोम में सुरक्षित रखे गए हैं और वीजा प्रक्रिया पूरी होने पर आगे भेजे जाएंगे.
ईरान में फंसे कश्मीरी मेडिकल छात्रों की निकासी तेज हो गई है. छात्रों का पहला जत्था सुरक्षित रूप से आर्मेनिया की सीमा पार कर चुका है. यह छात्र अब अस्थायी ठिकानों की ओर बढ़ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, सभी छात्र फिलहाल सुरक्षित हैं. कश्मीर के करीब 150 छात्रों के जल्द भारत लौटने की उम्मीद है. इनमें से कई छात्र 15 मार्च तक दिल्ली और मुंबई पहुंच सकते हैं.
अब तक मिली जानकारी के अनुसार उर्मिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने सबसे पहले आर्मेनियाई सीमा पार की. सीमा पार करने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है. जिन छात्रों के पास 14 मार्च की उड़ान के लिए कन्फर्म टिकट हैं, उन्हें जल्द एयरपोर्ट के लिए रवाना किया जाएगा. कोम शहर से निकला दूसरा छात्र समूह भी सीमा तक पहुंच गया है. ये छात्र फिलहाल इमिग्रेशन मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं. इनको भी मंजूरी मिलते ही उन्हें भी आर्मेनिया में प्रवेश दिया जाएगा.
शिराज मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्रों को उनके कैंपस से सुरक्षित निकाला गया है. उन्हें फिलहाल कोम शहर में रखा गया है. इनको वीजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन छात्रों को अजरबैजान या आर्मेनिया भेजा जा सकता है. इसके बाद उनकी भारत वापसी की व्यवस्था की जाएगी.
आराक मेडिकल यूनिवर्सिटी के करीब 27 छात्र भी सीमा तक पहुंच चुके हैं. उनके साथ कई अन्य भारतीय छात्र भी हैं. ये सभी छात्र सीमा चौकी के पास एक होटल में ठहरे हुए हैं. वे आगे की यात्रा के इंतजार में हैं. इन छात्रों की भारत वापसी की उड़ान 20 मार्च को तय की गई है. हालांकि निकासी प्रक्रिया के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता भी सामने आई है.
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने बताया कि 12 मार्च की शाम आराक यूनिवर्सिटी के कई छात्रों ने आपात कॉल की थी. छात्रों के मुताबिक उनके हॉस्टल के पास स्थित एक इमारत पर हमला हुआ था. इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया. इस्फहान यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने तुरंत सुरक्षित जगह पर ले जाने की मांग की है.
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन खान पूरी निकासी प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं. वे छात्रों और अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं. उन्होंने ईरान में भारतीय दूतावास से निकासी तेज करने की अपील की है. साथ ही बदलती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सभी भारतीय छात्रों को जल्द सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की मांग की है.
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