- खुफिया एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस पर खालिस्तानी, जैश ए मोहम्मद और अलकायदा के हमले की साजिश का अलर्ट है
- पंजाब के गैंगस्टर विदेशी खालिस्तानी हैंडलरों के साथ हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, यूपी और राजस्थान में सक्रिय हैं
- सुरक्षा एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस पर AI तकनीक और फेस रिकॉग्निशन कैमरों के साथ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है
Republic Day Terror Alert: गणतंत्र दिवस पर आतंकी हमले का अंदेशा खुफिया एजेंसियों ने जताया है. सूत्रों का कहना है कि खालिस्तानी आतंकी ,जैश ए मोहम्मद और अलकायदा के आतंकी रिपब्लिक डे के दौरान हमला करने की साजिश रच रहे हैं. बांग्लादेश के आतंकी संगठन भी हमले की फिराक में हैं. राजधानी दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों को निशाना बनाया जा सकता है. अलर्ट में कहा गया है कि
पंजाब के गैंगस्टर अब विदेश में बैठे खालिस्तानी और कट्टरपंथी हैंडलरों के साथ हाथ मिला रहे हैं.
खुफिया विभाग के अलर्ट के मुताबिक ये गैंगस्टर हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय है जो खालिस्तानी आतंकवादियों से से जुड़ रहे हैं. 26 जनवरी के मद्देनजर यह देश का माहौल खराब कर सकते हैं.सिंडिकेट के पास न केवल देशी हथियार बल्कि अत्याधुनिक हथियारों की भी बड़ी खेप मौजूद हैं. अलर्ट के मुताबिक, विदेशी खालिस्तानी और कट्टरपंथी हैंडलर इन गैंगस्टर नेटवर्क का इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं. ऐसे हमले को रोकने के लिए अब सुरक्षा एजेसिंयों ने भी कमर कस ली है.
AI से लैस चश्मे पहनेंगे पुलिसकर्मी
गणतंत्र दिवस देश के पर्व पर इस बार आतंकी हमले के कई इनपुट दिल्ली पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियों के पास है.इस बार सेंट्रल एजेंसियों, दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों ने सुरक्षा में काफी बदलाव किए हैं.इस बार सुरक्षा में AI टैक्नोलॉजी, AI से लैस चश्मे पुलिसकर्मियों को मुहैया करवा जाएंगे जितमे संदिग्ध दिखते ही अलर्ट आएगा.
संदिग्ध चेहरे पहचान लेगा फेस रिकग्निशन कैमरा
संदिग्धों के चेहरे दिखते ही अलर्ट आएगा ऐसे चेहरा पहचानने वाले जिन्हें फेस रिकॉग्निशन कैमरा कहा जाता है ऐसे कैमरे लगाए गए हैं.सिर्फ परेड रूट पर 6 सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाए गए है जिनमे 1000 हाई डेफिनेशन कैमरे लगाए गए है, इसके साथ ही पूरी नई दिल्ली में 31 सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाए गए है मतलब हर जगह कैमरों की जद में हैं. सिस्टम में अपलोड आतंकियो और संदिग्धों के ही नही, जिनके नाम सिस्टम में नही है अगर ऐसे भी लोग नजर आए तो अलर्ट आ जाएगा.तीन लेयर फिजिकल चैकिंग, तीन लेयर गाड़ियों की चेकिंग रहेगी.
नई दिल्ली एडिशनल सीपी देवेश महला ने कहा कि नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट के 10000 पुलिसकर्मी के अलावा अर्धसैनिक बलों की तैनाती है. कुल 20 हजार जवान और अधिकारी सुरक्षा में तैनात रहेंगे.परेड रूट को 26 जोन में बांटा गया है. जिसमें डिस्ट्रिक्ट, स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच के डीसीपी तैनात रहेंगे.
- कर्तव्य पथ पर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की मल्टी-लेयर्ड घेराबंदी
- परेड रूट की छह लेयर सुरक्षा, कर्तव्य पथ की सुरक्षा की बाहरी लेयर में 15 हजार जवान तैनात
- दिल्ली पुलिस, रिजर्व पुलिस कंपनियां, क्विक रिस्पांस टीम, स्वात कमांडो टीम, बम डिस्पोजल और ट्रैफिक पुलिस
- दूसरी लेयर में अर्धसैनिक बलों की तैनाती रहेगी
- राष्ट्रपति भवन से लेकर के लाल किले तक स्ट्रैटेजिक पॉइंट्स पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है
- दिल्ली के तमाम बॉर्डर्स पर और शहर के अंदर बैरिकेड्स पर भी अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती
तीसरा सुरक्षा घेरा यानी बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा घेरा
इस सुरक्षा घेरे में तीनों सेना के जवान, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स के जवान और कमांडो, इसके अलावा केंद्रीय एजेंसी के खास तौर से खुफिया एजेंसी के कर्मचारी मौजूद रहेंगे. यह लोग अतिथियों खासतौर से वीवीआईपी अतिथियों की सुरक्षा के साथ साथ उनके आसपास की गतिविधि पर नजर रखते हैं और सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहते हैं.
सेंट्रल कमांड रूम भी बनाया गया
एक सेंट्रल कमांड रूम भी बनाया जाता है जिसके जरिए तमाम अधिकारी एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं। कमांड रूम से पूरी दिल्ली पर नजर भी रखी जाती है.एनएसजी का डॉग स्क्वायड भी सुरक्षा में तैनात रहेगा.सुरक्षा के मध्य नजर दिल्ली पुलिस 25 जनवरी से ही नई दिल्ली इलाकों के ऊंची इमारत को खाली कर लेगी. नई दिल्ली इलाकों की और परेड के रास्ते पर 25 जनवरी की रात से ही स्नाइपर तैनात कर दिए जाएंगे. स्नाइपर की संख्या 100 से ज्यादा है.ड्रोन या किसी भी तरीके के अन्य उड़ने वाली चीजों पर पूर्णतया प्रतिबंध है.
एंटी ड्रोन के साथ एंटी एयरक्रॉफ्ट गन की तैनाती
सावधानी रखते हुए एंटी ड्रोन के अलावा एंटी एयरक्राफ्ट गन की भी तैनाती की गई है.एफआरएस यानी फेस रिकॉग्निशन सिस्टम सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं, जो एक ऐसे सर्वर से अटैच है, जिसमें 50 हजार संदिग्धों, आतंकियों और अपराधियों के फोटो हैं.कैमरे के सामने से गुजरने वाले शख्स को यह स्कैन कर लेगा और किसी भी संदेश से अगर उसका चेहरा मेल खाया तो फौरन पुलिस कर्मियों को उसकी जानकारी दी जाएगी.इन कैमरा को इतने स्ट्रैटेजिक पॉइंट पर लगाया गया है उनकी पकड़ से बचाना लगभग नामुमकिन है.दिल्ली में कई जगहों पर एंटी एयरक्राफ्ट गन की भी तैनाती की गई है. पुलिस ने इस बार कर्तव्य पथ पर कई बार मॉक ड्रिल भी की है.
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