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झारखंड से वियतनाम योग सिखाने गया था राजा, सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, परिवार को बॉडी का इंतजार

वियतनाम में दर्दनाक सड़क दुर्घटना में रांची के 26 वर्षीय योग टीचर राजा वर्मा की मौत हो गई. राजा की बॉडी को स्‍वदेश लाने के लिए परिवार प्रशासन से मदद मांगी है.

झारखंड से वियतनाम योग सिखाने गया था राजा, सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, परिवार को बॉडी का इंतजार
पार्थिव शरीर भारत लाने में करीब 20 लाख रुपये का खर्च, परिवार ने मांगी सरकार से मदद
  • रांची के राजा वियतनाम में योग सिखाकर परिवार का खर्च चलाते थे और 25 सितंबर को दुर्घटना में निधन हो गया
  • राजा के परिवार के पास उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए लगभग 20 लाख रुपये नहीं हैं
  • परिवार ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है ताकि राजा का शव वियतनाम से भारत लाया जा सके
रांची:

26 साल के राजा कुमार वर्मा ने झारखंड के रांची से वियतनाम तक का सफर आंखों कई सपने लेकर किया था. राजा के परिवार को भी यकीन था कि अब बेटा परिवार की आर्थिक तंगी को दूर कर देगा. लेकिन ये सारे सपने और उम्‍मीदें एक रोड एक्‍सीडेंट ने तोड़ दिये. वियतनाम में एक सड़क दुर्घटना ने राजा की जान ले ली. अब राजा के परिवार के पास इतने पैसे भी नहीं हैं कि वह अपने बेटे की बॉडी को भारत ला सकें. राजा के परिवार ने अब राज्‍य सरकार से मदद की गुहार लगाई है.    

वियतनाम में योग सिखाकर अपना और परिवार का खर्च चलाने वाले राजा की 25 सितंबर को एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई. परिवार के लिए यह सदमा बर्दाश्‍त कर पाना मुश्किल है. जिस बेटे के सहारे घर की जिम्मेदारियां चल रही थीं, अब उसी बेटे के पार्थिव शरीर को आखिरी बार देखने के लिए परिवार वियतनाम से उसके लौटने का इंतजार कर रहा है. 

पार्थिव शरीर भारत लाने में करीब 20 लाख रुपये का खर्च

राजा की मौत ने परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है और परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को रांची लाने में मदद के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है. राजा के पार्थिव शरीर को भारत लाने में करीब 20 लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा है. परिवार के पास इतने पैसे नहीं हैं. ऐसे में परिजनों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है. परिवार की अपील है कि किसी तरह राजा का पार्थिव शरीर भारत लाने की व्यवस्था की जाए, ताकि वह अपने बेटे को आखिरी बार देख सके और अपनी मिट्टी में उसे अंतिम विदाई दे सके. 

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सांसद महुआ माझी से परिवार ने मांगी मदद 

साधारण परिवार से आने वाले राजा के पिता बिजली मिस्त्री हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह इतनी बड़ी रकम जुटा सके. राजा विदेश में काम कर परिवार का खर्च चलाने के लिए पैसे भेजते थे. उनके चले जाने से परिवार ने अपना बेटा ही नहीं, बल्कि अपना आर्थिक सहारा भी खो दिया है. हादसे की खबर के बाद से घर में मातम पसरा है. राजा वर्मा की मां रूपा वर्मा, भाई शुभम वर्मा सहित परिवार के अन्य लोगों ने राज्यसभा सांसद महुआ माझी से उनके आवास पर मुलाकात की. सांसद ने तत्काल रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से फोन पर बात की. उपायुक्त ने भरोसा दिलाया है कि राजा वर्मा का पार्थिव शरीर वियतनाम से रांची लाने का प्रयास किया जा रहा है.

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