- दशकों पहले करुणानिधि एक इवेटं में पहुंचे, जहां छोटे से थलापति विजय उनके पीछे खड़े हुए थे
- उस वक्त करुमानिथि कहां जानते होंगे कि ये बच्चा बड़ा होकर उनकी पार्टी डीएमको को हिलाकर रख देगा
- चुनाव में डीएमके को केवल 73 सीटें मिलीं जिससे करुणानिधि के बेटे स्टालिन को मुख्यमंत्री पद गंवाना पड़ा है
करुणानिधि दशकों पहले जब एक इवेंट में खुश होकर रिबन कटा रहे थे तब एक बच्चा उनके पीछे खड़ा मुस्करा रहा था. जैसे उनके मन में चल रहा हो कि एक दिन मैं भी कुछ बड़ा करूंगा. तब करुणानिधि ने ये सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ये छोटा सा बच्चा दशकों बाद मेरी पार्टी का तख्तापलट कर देगा. पांच बार तमिलनाडु पर राज करने वाले करुणानिधि तो नहीं रहे. साल 2018 में उनका निधन हो गया. लेकिन उनकी पार्टी को 2026 में इस बच्चे ने अर्श से फर्श पर जरूर ला दिया है.
करुणानिधि के पीछे खड़े बच्चे को पहचानें
इस बच्चे की फोटो सोशल मीडिया पर फिल्म निर्माता और निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने शेयर कर चुटकी ली है. यह बच्चा करुणानिधि ने पीछे खड़ा नजर आ रहा है. उन्होंने कहा कि कलइंगर ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उनके पीछे खड़ा बच्चा एक दिन उनकी पार्टी को करारी शिकस्त देगा. इस पर अलग-अलग तरह के कमेंट आ रहे हैं. एक एक्स यूजर ने कहा," इस लड़के ने सिर्फ पार्टी ही बर्बाद नहीं की, बल्कि करुणानिधि के बेटे का करियर भी खत्म कर दिया. " बता दें कि ये फोटो किसी इवेंट का है, जिसमें करुणानिधि रिबन काट रहे हैं. उनके पीछे खड़ा बच्चा मुस्करा रहा है.
Kalaingar wouldn't have dreamed that the kid behind him would one day destroy his party 🙏👍🔥 pic.twitter.com/7NNp6Ge73S
— Ram Gopal Varma (@RGVzoomin) May 5, 2026
इस बच्चे ने करुणानिधि की पार्टी को किया बर्बाद
इस बच्चे का तमिलनाडु की राजनीति से खास कनेक्शन है. दरअसल इस बच्चे की वजह से ही करुणानिधि की पार्टी तमिलनाडु की सत्ता से बाहर हो गई है. उनके बेटे स्टालिन को सीएम की कुर्सी गवानी पड़ी है. अब सस्पेंस हटाकर आपको बताते हैं कि आखिर ये बच्चा कौन है. ये छोटा बच्चा कोई और नहीं बल्कि थलापति विजय हैं. देखने में वह 10-12 साल के लग रहे हैं. करुणानिधि ने ये कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसके पीछे खड़ा ये बच्चा एक दिन उनकी पार्टी डीएमके को हिलाकर रख देगा.
विजय की पार्टी टीवीके ने स्टालिन को हराया
2026 विधानसभा चुनाव में एक्टर विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया. विजय के चाम के आगे स्टालिन और डीएमके की पहचान फीकी सी पड़ गई. पार्टी सिर्फ 73 सीटें ही जीत सकी. तमिलनाडु में विजय ने जो कर दिखाया है, उनकी चर्चा सिर्फ राज्य में ही नहीं बल्कि पूरे देश में हो रही है. दो साल पहले बनी पार्टी और पहला चुनाव, वो भी 100 पार सीटें, ये किसी करिश्मा से कम नहीं है.
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