राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बाद ट्रस्ट से इस्तीफा देने वाले चंपत राय फिलहाल वीएचपी में अपने पद पर बने रहेंगे. वीएचपी के सूत्रों का कहना है कि चंपत राय के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस और एसआईटी कर रही है. इसके साथ ही चंपत राय ने भी कहा है कि उनके पास आरोपों का जवाब मौजूद हैं. इस मामले में जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक संगठन में चंपत राय की जिम्मेदारियों को लेकर कोई फैसला या विचार नहीं होगा.
राम मंदिर ट्रस्ट ने 6 जुलाई को हुई बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोविंद गिरी महाराज ने कहा कि चढ़ावा चोरी का कांड गिनती के समय हुआ, हम इससे बड़े दुखी हैं. हमारे महामंत्री महोदय चंपत और अनिल मिश्रा ने त्यागपत्र दिया है. अब कृष्ण मोहन को जिम्मेदारी सौंपी गई है. विश्वास है वे कुशलता के साथ इसे पूरा करेंगे. 22 जुलाई को फिर से ट्रस्ट की बैठक होगी. तब नए सदस्यों की नियुक्ति होगी.
'पूरे समाज को करना पड़ रहा है परिस्थिति का सामना'
उन्होंने आगे कहा कि सबसे बड़ा दुख ये है कि जिस परिस्थिति का सामना पूरे समाज को करना पड़ रहा है, ये चिंता का विषय है. 500 साल के इंतजार के बाद मंदिर बना. ये घटना दुखद है. चढ़ावा चोरी का कांड दानपात्र में गिनती के समय हुआ है. ये लज्जा का विषय है. हम दुखी हैं. चोरी बड़ी हुई या छोटी ये बात बाद में आती है.
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गोविंद गिरी महाराज बोले- झूठ के प्रचार से रहना चाहिए सावधान
उन्होंने कहा, चंपत राय ने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि उन्हें ये लगा कि जब तक न्याय नहीं हो जाता और अपराधी नहीं पकड़े जाते तब तक पद पर बने रहना ठीक नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि झूठ के प्रचार से सावधान रहना चाहिए. कहा जा रहा है दान पात्र ही नहीं बल्कि धातुओं की चीजें भी गायब हो गई हैं. उन्होंने कहा कि रामायण, कागभसुंडी, पादुकाएं, आभूषण आदि वस्तुओं का रजिस्टर हमारे पास मौजूद है.
22 जुलाई को आएगी SIT की फाइनल रिपोर्ट
उन्होंने कहा, 22 जुलाई को फिर मिलेंगे और तब तक एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी. चोरी तो चोरी है और उसकी जो तलाश करनी है एसआईटी कर रही है. हम लोगों का आग्रह है, ऐसे अपराधियों को खोजा जाए, लेकिन एक बात ध्यान में रखें कि इसको ढाल बनाकर सम्पूर्ण राष्ट्र में जो कहा गया है, वो गलत है, जिन लोगों ने कार सेवकों पर गोलियां चलाई, जिन्होंने कोर्ट में कहा कि राम हुए ही नहीं हैं, ये सब असाधारण तर्क दिए, उन्हें तो ये सब नहीं कहना चाहिए.
अनुकल्प मिश्रा, लवकुश और करुणेश की 7 दिनों की रिमांड मांगी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक करीब 60 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. करीब 140 लोगों के बयान और दर्ज होने हैं. जिन लोगों के बयान दर्ज हो रहे है उनमें ट्रस्ट से जुड़े लोग हैं. इस मामले में 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस ने तीन बड़े आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय की 7 दिनों की रिमांड मांगी है, जिस पर सुनवाई होनी है. पूरे मामले की जांच एसआईटी कर रही है.
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