राज्यसभा ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित कर दिया है. इस संशोधन के तहत ‘वंदे मातरम्' के अपमान से जुड़े प्रावधानों को कानूनी संरक्षण मिलेगा. कानून का मकसद 'वंदे मातरम' को भी राष्ट्रगान 'जन गण मन' की तरह ही कानूनी सुरक्षा देना है. इस कानून के लागू होने के बाद अगर कोई जानबूझकर 'वंदे मातरम्' का अपमान करता है या गीत में रुकावट डालता है तो उसे 3 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.
बिल पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि बिल में किया गया संशोधन केवल एक विधायी बदलाव नहीं है. उन्होंने कहा कि यह भारत की आत्मा, राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
बीजेपी सांसद विनोद तावड़े ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ''वंदे मातरम् का सम्मान, भारत का अभिमान! जिस मंत्र ने, जिस जय घोष ने देश की आजादी के आंदोलन को ऊर्जा दी, प्रेरणा दी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया, उस राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गर्व के साथ पुण्य स्मरण करना हमारा बहुत बड़ा सौभाग्य है.'' उन्होंने कहा, ''आज राज्यसभा में पारित हुआ 'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' भारत के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित करने का मोदी सरकार के संकल्प का प्रतिबिंब है।''
लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पास
उधर, लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल भी पास हो गया है. मॉनसून सत्र में लंबी चर्चा के बाद ध्वनि मत से यह बिल पास हो गया है. इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर नोकझोंक भी हुई. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी दिखी. स्पीकर ओम बिरला ने एंटी पेपर लीक बिल के पारित होने का ऐलान किया और कल तक (गुरुवार) के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
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