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जीजा-साला, ससुर-दामाद और अनिल मिश्रा से भी रिश्ता; राम मंदिर के ट्रस्ट में रिश्ता क्या कहलाता है

अनुकल्प मिश्रा तो लवकुश मिश्रा का जीजा है। वहीं रमाशंकर मिश्रा लवकुश के पिता हैं और अनुकल्प के ससुर हैं। इस तरह राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में जीजा-साला, ससुर-दामाद का कनेक्शन जुड़ता है। यही नहीं अनुकल्प मिश्रा की ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा से भी रिश्तेदारी बताई जाती है।

जीजा-साला, ससुर-दामाद और अनिल मिश्रा से भी रिश्ता; राम मंदिर के ट्रस्ट में रिश्ता क्या कहलाता है
अयोध्या:

राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच तेज होने के साथ ही नए खुलासे भी लगातार हो रहे हैं। इस मामले में 8 लोगों को आरोपी बनाते हुए नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ हुई और अब गिरफ्तार कर लिया गया है। इन लोगों में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और रमाशंकर मिश्र शामिल हैं। जानकारी मिली है कि ये लोग आपस में रिश्तेदार भी हैं। अनुकल्प मिश्रा तो लवकुश मिश्रा का जीजा है। वहीं रमाशंकर मिश्रा लवकुश के पिता हैं और अनुकल्प के ससुर हैं। इस तरह राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में जीजा-साला, ससुर-दामाद का कनेक्शन जुड़ता है। यही नहीं अनुकल्प मिश्रा की ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा से भी रिश्तेदारी बताई जाती है।

अनुकल्प मिश्रा की चढ़ावा गणना में ड्यूटी थी। उसके घर से चोरी की रकम भी बरामद हुई है। इसके अलावा एक रिश्ता चाचा-भतीजा का भी इस मामले में सामने आया है। टिन्नू का भतीजा मनीष भी गणना प्रक्रिया में शामिल था। उसके घर से भी चोरी की रकम बरामद की गई है। मनीष के चाचा रमाशंकर उर्फ टिन्नू यादव चंपत राय का करीबी है। टिन्नू मंदिर की हर व्यवस्था में हस्तक्षेप रखता था और उसके पास गणना कक्ष की चाबी रहती थी। आरोप है कि रमाशंकर यादव की शह पर ही मनीष यादव को एंट्री मिली थी और वह काउंटिंग में शामिल था।

इसके अलावा रमाशंकर मिश्र पर भी कर्मचारियों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है। कहा जा रहा है कि उन्होंने अपने बेटे और दामाद को भी पैसे गिनने के काम में लगा दिया था। वहीं इस केस को लेकर गिरफ्तार आरोपी मनीष यादव के भाई ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि उनका भाई निर्दोष है। उसने कहा कि उसे बड़ी मछलियों को बचाने के लिए फंसाया गया है। 

मनीष यादव का भाई बोला- बड़ी लोगों को बचाने के लिए फंसाया

घर के अंदर पर्दे के पीछे से बात करते हुए मनीष के भाई (अपना नाम नहीं बताया) ने कहा कि मनीष की उम्र सिर्फ 20 साल है और वो बीकॉम कर रहा है। उसे मंदिर में बैंक ने रखवाया था और उसे काम करते हुए सिर्फ एक महीना हुआ था। उसका कहना है कि सिर्फ बड़े लोगों को बचाने के लिए उसको फंसा दिया गया है।  बता दें कि इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार का भी बयान आया है। उनका कहना है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा या फिर गोपाल राव भी इस केस में जांच के दायरे से बाहर नहीं हैं। 

इन 6 लोगों के खिलाफ चोरी की रकम रखने की शिकायत

इस केस में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, कमलेश पांडे, शशांक मिश्रा के विरुद्ध चढ़ावा धनराशि चोरी की संपत्ति रखने और प्राप्त करने की शिकायत है। वहीं सुभाष श्रीवास्तव, श्याम शंकर (टिन्नू) के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जाना आवश्यक है।

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