- राघव चड्ढा समेत सात AAP राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की मंजूरी प्राप्त की है
- भाजपा के राज्यसभा सांसदों की संख्या बढ़कर तैंतीस हो गई है जबकि आम आदमी पार्टी के सांसद घटकर तीन रह गए हैं
- सांसदों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी ने अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटकाव कर लिया है
राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों के आम आदमी पार्टी से अलग होकर बीजेपी में शामिल होने को राज्यसभा सभापति की मंजूरी मिल गई है. ऐसे में राज्यसभा में बीजेपी सांसदों की संख्या 106 से बढ़ कर 113 हो गई है. वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसदों की संख्या 10 से घट कर 03 रह गई है. राघव चड्ढा ने पिछले दिनों घोषणा की थी कि उनके साथ AAP के 6 सांसद पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने AAP सांसदों का स्वागत मिठाई खिलाकर की थी.
मालीवाल को छोड़कर बाकी सभी पंजाब से
आम आदमी पार्टी को शुक्रवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए. उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिक मूल्यों से भटक गई है. राघव चड्ढा ने राज्यसभा में पार्टी के 10 सांसदों का संदर्भ देते हुए कहा कि संविधान के अनुसार, किसी पार्टी के कुल सांसदों में से दो-तिहाई सांसद दूसरी पार्टी में सम्मिलित हो सकते हैं. दिल्ली से राज्यसभा सदस्य मालीवाल को छोड़कर बाकी सभी पंजाब से हैं.
Rajya Sabha Chairman accepts merger of Raghav Chadha and six other MPs who quit Aam Aadmi Party, with the BJP. pic.twitter.com/eOOq1Xznjy
— Press Trust of India (@PTI_News) April 27, 2026
क्या AAP के और नेता टूटेंगे?
राज्यसभा के सभापति ने आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भाजपा में विलय को स्वीकार करने से बीजेपी को फायदा हुआ है. वहीं, आम आदमी पार्टी में टूट की स्थिति दिखाई दे रही है. बताया जा रहा है कि पंजाब के कई बड़े नेता भी राघव चड्ढा के संपर्क में हैं, जो पार्टी छोड़ना चाहते हैं. हालांकि, आप सांसद संजय सिंह ने इन बातों को अफवाह बताया है. संजय सिंह ने बीजेपी और राघव चड्ढा पर जानबूझकर ये अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चड्ढा और भाजपा में शामिल होने वाले अन्य राज्यसभा सदस्यों के खिलाफ ‘विश्वासघात' को लेकर पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.
राघव चड्ढा ने बताया क्यों छोड़ा केजरीवाल का साथ?
राघव चड्ढा ने जब से आम आदमी पार्टी छोड़ने की घोषणा की है, तब से अब तक उनके कई वीडियो मैसेज सामने आ चुके हैं. अब राघव चड्ढा का एक और वीडियो मैसेज सामने आया है, जिसमें वह बता रहे हैं आखिर, उन्होंने अरविंद केजरीवाल का साथ छोड़ने का फैसला क्यों किया?
राघव चड्ढा ने वीडियो में कहा कि पिछले तीन दिनों से उनके पास ढेर सारे मैसेज आ रहे हैं. ज्यादातर लोग उन्हें बेस्ट विशेस और बधाई दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग उनके इस बड़े फैसले के पीछे क्या वजहें हैं, ये जानना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने यह वीडियो उन सभी के लिए बनाया है, जिन्होंने शायद उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं देखी. उन्होंने बताया कि राजनीति में आने से पहले वह एक प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट थे. उनके सामने एक बहुत अच्छा करियर था, लेकिन उन्होंने उस करियर को छोड़कर राजनीति में कदम रखा. उन्होंने कभी करियर बनाने के लिए राजनीति नहीं की. बल्कि वे आम आदमी पार्टी के फाउंडिंग मेंबर बने और उस पार्टी को अपने युवा दिनों के पूरे 15 साल दिए. उन्होंने अपनी मेहनत, खून-पसीने से उस पार्टी को सींचा और बड़ा किया. लेकिन अब वह पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही. आम आदमी पार्टी में आज एक टॉक्सिक माहौल बन गया है. वहां काम करने से रोका जाता है, संसद में बोलने से रोका जाता है. पूरी पार्टी अब कुछ भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है. ये लोग अब देश के लिए नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करते हैं.
राघव चड्ढा ने कहा कि पिछले कई सालों से ये महसूस हो रहा था कि वे सही जगह पर नहीं हैं. उन्होंने कहा, "शायद मैं सही आदमी हूं, लेकिन गलत पार्टी में." उनके सामने सिर्फ तीन रास्ते थे. पहला, पूरी तरह राजनीति छोड़ देना. दूसरा, उसी पार्टी में रहकर चीजें सुधारने की कोशिश करना, जो संभव नहीं हुआ और तीसरा, अपनी एनर्जी और अनुभव को लेकर किसी और प्लेटफॉर्म पर जाकर सकारात्मक राजनीति करना. इसलिए उन्होंने तीसरा रास्ता चुना, लेकिन उन्होंने अकेले यह फैसला नहीं लिया. उनके साथ और भी सांसद थे. कुल सात सांसदों ने मिलकर यह तय किया कि अब वो इस पार्टी से अपना रिश्ता तोड़ रहे हैं. उन्होंने कहा, "एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते."
क्या वो सब गलत हो सकते हैं?
राघव चड्ढा ने कहा कि कितने सारे पढ़े-लिखे, समझदार लोग इस पार्टी के सपने के साथ जुड़े थे, लेकिन बाद में उन्होंने भी पार्टी छोड़ दी. क्या वो सब गलत हो सकते हैं? राघव चड्ढा ने उदाहरण देते हुए कहा, "आप में से जो लोग नौकरी करते हैं, अगर आपका ऑफिस एक टॉक्सिक जगह बन जाए, जहां आपको काम करने नहीं दिया जाता, आपकी मेहनत को दबाया जाता है और आपको चुप करा दिया जाता है, तो आप क्या करेंगे? जाहिर है, आप उस जगह को छोड़ देंगे." उन्होंने कहा कि उन्होंने भी ठीक वही किया है. उन्होंने कहा, "मैं अब आपकी समस्याओं को पहले से भी ज्यादा जोश और एनर्जी के साथ उठाऊंगा. अच्छी बात ये है कि अब हम उन समस्याओं के समाधान भी ढूंढ पाएंगे और उन्हें लागू भी करा पाएंगे."
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