- भिवाड़ी के खैरथल-तिजारा के खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया में एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगी
- आग लगने के समय फैक्ट्री में लगभग पच्चीस मजदूर काम कर रहे थे
- आग की लपटें भड़कने पर कुछ मजदूर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे
भिवाड़ी के खैरथल-तिजारा के खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया में एक केमिकल फैक्ट्री में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई जिसमें 7 मजदूरों की जिंदा जलने की खबर है. घटना के समय फैक्ट्री में 20-25 मजदूर काम कर रहे थे.आग की लपटें भड़कते ही कुछ मजदूर बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन अंदर मंजर देखने वालों ने कहा कि स्थिति बड़ी भयावह थी.
आग पर काबू, जांच शुरू
इस वीभत्स घटना की सूचना मिलते ही खुशखेड़ा फायर स्टेशन और भिवाड़ी रीको स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं.करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है. तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है.भिवाड़ी एसपी और एडीएम भी जल्द ही मौके पर पहुंचने वाले हैं. वरिष्ठ अधिकारियों के बयान के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी.

🔴 #BREAKING | राजस्थान: भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, झुलसकर 7 मजदूरों की मौत, हादसे के वक्त फैक्ट्री में 25 मजदूर थे
— NDTV India (@ndtvindia) February 16, 2026
देखें LIVE: https://t.co/689WjV66bO#Rajasthan | @RajputAditi | @ranjanasingh95 pic.twitter.com/JXhm0iPrw2
भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री में आग लगने से हुई जनहानि का समाचार अत्यंत दुःखद है।
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) February 16, 2026
जिला प्रशासन को राहत व बचाव कार्य के लिए निर्देशित किया है।
ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।
ॐ…
7 के शव निकाले 9 अब भी फंसे
अतिरिक्त जिलाधिकारी सुमिता मिश्रा ने बताया था कि पुलिस टीम ने नियमित गश्त के दौरान कारखाने में आग लगी देखी जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि कारखाने में नौ लोग फंसे हुए थे.अब तक सात शव निकाले जा चुके हैं. भिवाड़ी अग्निकांड पर सीएम भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री में आग लगने से हुई जनहानि का समाचार अत्यंत दुःखद है.जिला प्रशासन को राहत व बचाव कार्य के लिए निर्देशित किया है.ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं.
अंदर का मंजर कलेजा कंपा देने वाला
आग तो बुझ गई है लेकिन राख के ढेर से निकलता धुआं और मृतकों की पत्नियों और परिवार की चीख,हादसे की वेदना मन अशांत कर देने वाली है. मजदूरों के शव कंकाल में बदल गए,कुछ को थैली और कपड़ों में बांधकर निकाला गया.सबसे पहले पहुंचे फायर इंचार्ज नरेश मीणा ने बताया कि आग भयावह थी.अंदर जो केमिकल था.उसमें बार बार ब्लास्ट हो रहा था इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन में और मुश्किल हुई. धुआं केमिकल की थी,धीरे-धीरे हम अंदर पहुंचे.शव कंकाल बन चुके थे.शरीर पर कोई मांस नहीं बचा.घायलों की भी हालत गंभीर थी.करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.
जांच में क्या पता चला? बिहार के 5 मजदूर
जांच में सामने आया कि यह कंपनी गारमेंट फैक्ट्री के लिए रजिस्टर्ड थी.यहां पर अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम हो रहा था.साथ ही, बारूद भी स्टोर किया गया था.अभी तक मिली जानकारी के अनुसार मृतक में से 5 बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले हैं.घायलों को एम्स रेफर किया गया है.दो घायल 90 प्रतिशत तक झुलस गए हैं,हालत गंभीर है.जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने बताया कि फैक्ट्री गारमेंट के नाम पर रजिस्टर्ड थी,लेकिन अंदर पटाखा निर्माण हो रहा था.यह बॉयलर या अन्य की श्रेणी में कवर नहीं होता. फैक्ट्री मैनेजर अभिनंदन से संपर्क हो गया है.उसे मौके पर बुलाया गया है.
एफएसएल रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी क्योंकि यहां कुछ और काम हो रहा था इसलिए रीको की ओर से मामले में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी.वहीं हमने निर्देश दिए हैं कि रीको सभी कंपनियों में जांच करेगी.अभियान चलाया जाएगा,जो भी नियमों के विपरीत कंपनियां चल रही हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी.
फैक्ट्री कई महीनों से बंद थी, फिर आगे कैसे लगी?
एनडीटीवी को मिली जानकारी के अनुसार,फैक्ट्री कई महीनों से बंद थी जिसमें अचानक आग लग गई.फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में गत्तों का स्टॉक पड़ा था.मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि फैक्ट्री में 3 से 4 बार तेज धमाके हुए और वहां आग लग गई.आग लगने के कारण के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है.
देश के ये बड़े अग्निकांड
1. उपहार सिनेमा में जब सब खाक हो गया था
1997 में दिल्ली के ग्रीन पार्क इलाके स्थित उपहार सिनेमा में 13 जून को फिल्म ‘बॉर्डर' का शो चल रहा था.उसी दौरान हॉल के भीतर लगे ट्रांसफॉर्मर में शॉर्ट सर्किट हुआ,जिससे अचानक आग फैल गई. धुआं तेजी से अंदर भरने लगा और लोग बाहर नहीं निकल पाए क्योंकि कई निकास द्वार बंद थे और बाहर जाने के रास्ते पर्याप्त नहीं थे.इस त्रासदी में 59 लोगों की जान चली गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए.जांच में पाया गया कि आग की भयावहता बढ़ने का मुख्य कारण लापरवाही,अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ठीक से रखरखाव न होना था.
2. तमिलनाडु के स्कूल में भड़की आग ने निगल ली थीं 94 जिंदगियां
2004 में तमिलनाडु के कुंभकोणम में 16 जुलाई को सरस्वती इंग्लिश मीडियम स्कूल में एक भयानक आग लग गई थी. आग की शुरुआत स्कूल के रसोईघर से हुई और छत तक पहुंची लपटों ने बहुत जल्दी पूरे क्षेत्र में फैल गईं.तंग गलियारों और सीमित निकलने के रास्तों के कारण बच्चे बाहर नहीं निकल सके और अंदर ही फंस गए.इस भयावह दुर्घटना में 94 मासूम बच्चों की जान चली गई और 18 बच्चे घायल हुए थे. बाद में जांच में पता चला कि हादसे की प्रमुख वजह रसोई में लापरवाही,आसानी से जलने वाली सामग्री का उपयोग और उचित अग्नि सुरक्षा प्रबंधों का अभाव था.
3. दिल्ली के मुंडका में लगी थी भयंकर आग
13 मई 2022 को दिल्ली के मुंडका इलाके में एक व्यावसायिक बिल्डिंग में भयंकर आग लग गई थी. यह इमारत इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने का काम करती थी. आग की शुरुआत शॉर्ट सर्किट से हुई और भवन में मौजूद आसानी से जलने वाली सामग्री ने आग को तेजी से फैलने दिया था. बाहर निकलने के रास्तों की कमी और जरूरी अग्नि सुरक्षा उपकरण न होने के कारण लोग अंदर फंस गए और हालात गंभीर हो गए थे. इस हादसे में 33 लोगों की मौत हुई थी,जिनमें कुछ बच्चे भी शामिल थे और 40 से अधिक लोग घायल हुए.जांच में पता चला कि इस दुर्घटना के पीछे शॉर्ट सर्किट,ज्वलनशील वस्तुओं की मौजूदगी और सुरक्षा उपायों की कमी मुख्य कारण थे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं