- राहुल गांधी को गणतंत्र दिवस समारोह में तीसरी पंक्ति में बैठाने को लेकर विवाद
- कांग्रेस ने एलके आडवाणी की तस्वीर दिखाकर भारतीय जनता पार्टी को घेरा है
- राजकीय समारोहों में बैठने की व्यवस्था राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी वरीयता क्रम के अनुसार ही होती है
गणतंत्र दिवस समारोह में राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में बिठाया गया. कांग्रेस का आरोप है कि बैठने की यह व्यवस्था प्रोटोकॉल का उल्लंघन है और उसने अपने दावे को पुख्ता करने के लिए 2014 की एक तस्वीर भी पेश की है. लेकिन सवाल है कि इस मामले में प्रोटोकॉल क्या कहता है?
कांग्रेस ने आडवाणी की तस्वीर दिखाई
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि यह बीजेपी द्वारा राहुल गांधी का अपमान करने के लिए जानबूझकर किया गया था. 2014 की एक तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने एलके आडवाणी की बैठने की स्थिति की ओर इशारा करते हुए पूछा कि देखिए एलके आडवाणी जी तब कहां बैठे थे. अब इस प्रोटोकॉल का उल्लंघन क्यों? क्या मोदी और शाह खरगे जी और राहुल जी का अपमान करना चाहते हैं? 2014 में एलके आडवाणी न तो राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे और न ही लोकसभा में. हालांकि, अरुण जेटली, जो उस पुरानी तस्वीर में पहली पंक्ति में दिख रहे हैं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता थे. उस समय सुषमा स्वराज लोकसभा में विपक्ष की नेता थीं.
This was in 2014—look at where LK Advani ji was seated then.
— Manickam Tagore .B🇮🇳மாணிக்கம் தாகூர்.ப (@manickamtagore) January 26, 2026
Why this protocol mess-up now?
Is it because Modi and Shah want to insult Kharge ji and Rahul ji?
Leaders of the Opposition cannot be insulted like this, especially on Republic Day.#RepublicDay https://t.co/1zUMsILyDX pic.twitter.com/tPOlpaGKTG
सुरजेवाला ने भी सरकार को घेरा
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सरकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, 'क्या देश में विपक्ष के नेता के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी शिष्टाचार, परंपरा और प्रोटोकॉल के मानकों को पूरा करता है? यह केवल हीन भावना से ग्रस्त सरकार की हताशा को दर्शाता है.'
क्या देश के विपक्ष के नेता के साथ ऐसा व्यवहार किसी मर्यादा, परंपरा और प्रोटोकॉल के मापदंड पर खरा उतरता है ?
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) January 26, 2026
ये केवल हीन भावना से ग्रस्त सरकार की कुंठा दिखाता है ।
प्रजातंत्र में मतभेद रहेंगे मगर श्री @RahulGandhi के साथ किया जाने वाला ये व्यवहार अस्वीकार्य है। pic.twitter.com/b4mdU9BU7G
प्रोटोकॉल क्या है?
केंद्र सरकार ने अभी तक आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राजकीय समारोहों में बैठने की व्यवस्था राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी वरीयता क्रम के अनुसार ही होती है. राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, पूर्व राष्ट्रपति, उप प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष, मंत्रिमंडल मंत्री, मुख्यमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों के बाद विपक्ष के नेता सातवें स्थान पर होते हैं.
बीजेपी का कांग्रेस पर हमला
बीजेपी ने कांग्रेस पर इस कार्यक्रम का "राजनीतिकरण" करने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ट्विटर पर लिखा, 'राहुल गांधी को तीसरी पंक्ति में बैठने की चिंता नहीं है; वे इस बात से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं कि जब पूरा देश कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रदर्शन का जश्न मना रहा था, तब उन्हें फोन पर व्यस्त पकड़ा गया'.
Shameful of the Congress to politicise even seating arrangement at #RepublicDay .
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) January 26, 2026
Rahul Gandhi is not worried that he sat on thr third row; he is trying to deflect when he was caught busy on his phone; when the country was celebraring Brahmos in the defense line up at Kartavya… https://t.co/HJa532hIHH pic.twitter.com/HrCClbzgk8
प्रदीप भंडारी का पोस्ट
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ट्विटर पर लिखा, 'राहुल गांधी को इस बात की चिंता नहीं है कि वे तीसरी पंक्ति में बैठे थे; वे इस बात से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं कि जब पूरा देश कर्तव्य पथ पर ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रदर्शन का जश्न मना रहा था, तब उन्हें फोन पर व्यस्त पकड़ा गया' इस ताजा विवाद ने पिछले गणतंत्र दिवस की यादें ताजा कर दी हैं, जब बीजेपी ने कार्यक्रम में अनुपस्थित रहने के लिए खरगे और गांधी की आलोचना की थी. बीजेपी के अमित मालवीय ने ट्विटर पर लिखा,'संविधान के स्वघोषित रक्षक - राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे - गणतंत्र दिवस कार्यक्रम से पूरी तरह अनुपस्थित थे.
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