जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम नहीं रखे जाने को लेकर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ओबीसी विभाग की एक बैठक में जेन जी आंदोलन का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की तरह ओबीसी समाज उठ गया तो मोदी सरकार को झुकना पड़ेगा.
कांग्रेस नेताओं को निर्देश
राहुल ने ओबीसी विभाग के नेताओं को निर्देश दिए कि अपने इलाकों में लोगों को जाति जनगणना में ओबीसी कॉलम नहीं होने को लेकर जागरूक करें. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने पीएम मोदी को फर्जी ओबीसी करार देते हुए दावा किया कि उन्होंने सीएम बनने के बाद अपनी जाति को ओबीसी श्रेणी में शामिल किया.
कांग्रेस ओबीसी विभाग के आधा दर्जन राज्यों के जिलाध्यक्षों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा मोदी सरकार पहले जाति जनगणना नहीं कराना चाहती थी और जब हम उसकी मांग कर रहे थे तो मांग करने वाले लोगों को पीएम मोदी ने अर्बन नक्सल बताया था. इसके बाद में ओबीसी की संख्या और दबाव में सरकार मानी तो सही लेकिन जाति जनगणना को वो सही तरीके से नहीं करा रही है. सरकार ने जैसे अनुसूचित जाति और जनजाति का कॉलम रखा है, वैसे अन्य पिछड़ा वर्ग का नहीं रखा है.
'अगर सड़क पर आ गए तो...'
राहुल बोले कुछ दिनों पहले छात्रों के आंदोलन में लोग सड़कों पर आए और सरकार को झुकना पड़ा. ओबीसी समाज की आबादी पचास फीसदी से ज्यादा है. अगर वो सड़क पर आ गए तो मोदी सरकार को झुकना ही पड़ेगा.
पिछले साल मोदी सरकार ने आजाद भारत में पहली बार जाति जनगणना करवाने का फैसला किया था. जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती का काम पूरा हो चुका है. दूसरे चरण के लिए चालीस सवालों की सूची पी पिछले हफ्ते जारी की गई थी.
इस सूची में एससी, एसटी की तरह ओबीसी के लिए अलग से कोई श्रेणी नहीं है बल्कि जाति बताने का विकल्प दिया गया है. देश के पहाड़ी राज्यों में जनगणना का दूसरा चरण एक सितंबर से शुरू होगा. महीने भर चलने वाली यह प्रक्रिया देश के बाकी हिस्सों में एक फरवरी से शुरू होगी.
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