- संसद की स्थायी समिति की बैठक में सैनिक स्कूलों के निजी संस्थाओं को सौंपने का मुद्दा उठा
- राहुल गांधी का आरोप- सैनिक स्कूलों के संचालन का काम RSS से जुड़ी संस्थाओं और कुछ निजी कंपनियों को दिया जा रहा
- समिति के अध्यक्ष राधामोहन सिंह ने विवाद के बीच कहा कि सरकार से पूरी जानकारी लेकर मामला आगे बढ़ाया जाएगा
रक्षा मामलों पर संसद की स्थायी समिति की बैठक में मंगलवार को सैनिक स्कूलों के संचालन को निजी संस्थाओं को सौंपने के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस सांसदों के बीच तीखी बहस हुई. समिति की अध्यक्षता बीजेपी सांसद राधामोहन सिंह कर रहे थे. बैठक का आधिकारिक एजेंडा सैनिक स्कूलों, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) और राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों की समीक्षा से जुड़ी रिपोर्ट पर विचार और उसे मंजूरी देने पर चर्चा करना था.
लेकिन बैठक शुरू होते ही कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सैनिक स्कूलों को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत विकसित करने और उनके संचालन का जिम्मा निजी संस्थाओं को देने के फैसले का विरोध किया.
राहुल गांधी ने क्या लगाया आरोप?
सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि राहुल गांधी ने बैठक में आरोप लगाया कि सैनिक स्कूलों के संचालन का काम RSS से जुड़ी संस्थाओं और कुछ निजी कंपनियों को दिया जा रहा है. इस पर एक बीजेपी सांसद ने तुरंत कड़ी आपत्ति जताई.
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि RSS से जुड़ी संस्थाओं को सैनिक स्कूल चलाने की जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है. इसके जवाब में बैठक में मौजूद एक बीजेपी सांसद ने कहा कि राहुल गांधी के पास क्या सबूत है कि विद्या भारती जैसे संस्थानों का RSS से संबंध है. बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बिना तथ्यों के आरोप लगा रहे हैं और उन्हें ऐसे बयान नहीं देने चाहिए.
राधामोहन सिंह ने किया हस्तक्षेप?
सूत्रों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर समिति के अध्यक्ष राधामोहन सिंह ने हस्तक्षेप किया और कहा कि इस मुद्दे से जुड़ी पूरी जानकारी सरकार से प्राप्त करने की कोशिश की जाएगी. बैठक में मौजूद समिति के एक कांग्रेस सदस्य ने दावा किया कि अब तक 86 सैनिक स्कूलों का संचालन निजी संस्थाओं को सौंपा जा चुका है. उनके अनुसार, इनमें से करीब 68 प्रतिशत संस्थाएं RSS से जुड़ी हैं, जबकि कुछ स्कूलों का संचालन निजी कंपनियों को भी दिया गया है.
बैठक के बाद जब एनडीटीवी ने समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ बीजेपी सांसद राधामोहन सिंह से इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने कहा कि जब तक संसदीय समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर संसद में पेश नहीं कर देती, तब तक इस विषय पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.
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