दिल्ली में मंगलवार को क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक शुरू हुई, इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री हिस्सा ले रहे हैं. चीन के हिंद और प्रशांत महासागर क्षेत्र में बढ़ते दबदबे के बीच इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है.बैठक की शुरुआत में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, हम अपनी साझा गतिविधियों पर चर्चा करेंगे और निर्णय लेंगे. दुनिया के सामने मौजूदा वक्त की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखा जाएगा. हमारा ध्यान स्पष्ट तौर पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर होगा, जो क्वाड का खास दायरा है. हमें सप्लाई चेन की मजबूती, कनेक्टिविटी में आने वाली दिक्कतों, मैन्युफैक्चरिंग और बुनियादी ढांचे में मौजूद कमियों जैसे मुद्दों का समाधान करना होगा. हिंद-प्रशांत क्षेत्र की अपनी खास चिंताएं भी हैं.
#WATCH | At Quad Foreign Ministers' meet in Delhi, EAM Dr S Jaishankar says, "We will be discussing and deciding our shared activities. Obviously, that will take into account the many challenges and opportunities in the world. Our focus will clearly be on the Indo-Pacific, which… pic.twitter.com/vnfb6XxW7V
— ANI (@ANI) May 26, 2026
जयशंकर ने कहा, क्वॉड देशों में रणनीतिक भरोसा बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना, आर्थिक विकल्पों को बढ़ावा देना और सहयोग की भावना को मजबूत करना होगा. साझेदारियों को बढ़ावा देकर ही सबसे अच्छे नतीजे हासिल किए जा सकते हैं. 2024 में अमेरिका के विलमिंगटन में आयोजित पिछले क्वाड शिखर सम्मेलन में समूह के नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर सहयोग को और गहरा करने के लिए महत्वपूर्ण उपायों की घोषणा की थी. आज की बैठक से अगले क्वाड शिखर सम्मेलन के व्यापक एजेंडा को निर्धारित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है, जिसकी मेजबानी संभवतः इस वर्ष के अंत में भारत करेगा.
मिडिल ईस्ट संकट के बीच अहम बैठक
मिडिल ईस्ट संकट के आर्थिक परिणामों को देखते हुए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा स्थिति और महत्वपूर्ण खनिजों और प्रौद्योगिकी में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर मंगलवार को क्वाड विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है. नई दिल्ली की बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी भी शामिल हो रहे हैं. बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर कर रहे हैं. चीन के समुद्री इलाके में बढ़ती ताकत के बीच एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र क्वॉड विदेश मंत्रियों की चर्चा का मुख्य केंद्र होगा.
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हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र पर फोकस
क्वॉड के विदेश मंत्री यूक्रेन और मिडिल ईस्ट संकट से उपजी चुनौतियों पर चर्चा करेंगे, क्योंकि कच्चे तेल के बढ़ते दामों को लेकर दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ा है.सदस्य देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग की स्थिति का जायजा लेंगे, क्योंकि वहां चीन की आक्रामकता लगातार बढ़ रही है. 2024 में अमेरिका के विलमिंगटन में आयोजित पिछले क्वॉड शिखर सम्मेलन में समूह के शीर्ष नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए थे. इस साल के अंत में भारत में होने वाले क्वॉड शिखर सम्मेलन का व्यापक एजेंडा भी तय होने की संभावना है. अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने के बाद क्वाड को एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है.
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