
पंजाब सरकार द्वारा धान की पराली को जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए किसानों की पूरी सहायता की जाएगी. धान की पराली और अवशेष को संभालने के लिए किसानों को कृषि यंत्रों पर दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ असली किसानों को मिलना सुनिश्चित किया जाएगा.
दरअसल, शुक्रवार को कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कृषि यंत्र बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने साफ़ तौर पर संदेश दिया कि भगवंत मान सरकार कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के नाम पर की जाने वाली कालाबाज़ारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी.
कृषि मंत्री ने कहा मुख्यमंत्री भगवंत मान की हिदायतों पर ही यह बैठक बुलाई गई थी. सरकार द्वारा नए पारदर्शी मापदंड तय किए गए हैं, जिससे कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ सीधा किसानों को ही दिया जाएगा. उन्होंने कृषि यंत्र बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों से अपील की, कि कृषि यंत्र बनाने और किसानों को मुहैया करवाते समय सरकार द्वारा तय किए गए मापदण्डों की यथावत पालन सुनिश्चितकी जाए, जिससे सरकार को सब्सिडी देने में कोई दिक्कत न आए.
साथ ही कुलदीप सिंह धालीवाल ने पहली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहली सरकारों की लापरवाही के कारण कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ बहुत से असली किसानों को नहीं मिला और 150 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है. उन्होंने कहा कि जिन्होंने पहले गड़बड़ियां की हैं, वह चाहे मशीन बनाने वाले हों, चाहे डीलर हों, चाहे कृषि विभाग के अधिकारी हों, चाहे किसान हों, उनके खिलाफ विजीलैंस द्वारा कार्रवाई की जाएगी.
कृषि मंत्री ने कृषि यंत्र बनाने वालों से अपील भी की कि भविष्य में ऐसी किसी भी गड़बड़ी की कोशिश न करें, क्योंकि भगवंत मान सरकार द्वारा किसी भी घपलेबाज को बख्शा नहीं जाएगा.
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