लद्दाख में गोगरा-हॉट स्प्रिंग से भारत-चीन सेनाओं की वापसी सोमवार तक पूरी होगी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अरिंदम बागची ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर रजामंद हुए है कि क्षेत्र में बनाए गए सभी अस्‍थायी ढांचों को तोड़ा जाएगा.

लद्दाख में गोगरा-हॉट स्प्रिंग से भारत-चीन सेनाओं की वापसी सोमवार तक पूरी होगी

प्रतीकात्‍मक फोटो

नई दिल्‍ली :

पूर्वी लद्दाख में दो साल से अधिक समय से जारी गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में भारत और चीन ने अहम कदम उठाया है. दोनों देशों की सेनाओं ने गुरुवार को घोषणा की कि उन्होंने गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स क्षेत्र के ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट 15' से बलों की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है. लद्दाख में गोगरा-हॉट स्प्रिंग्‍स से भारत और चीन की सेनाओं की वापसी सोमवार तक पूरी होगी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अरिंदम बागची ने एक बयान में कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर रजामंद हुए है कि क्षेत्र में बनाए गए सभी अस्‍थायी ढांचों और अन्‍य बुनियादी ढांचों को तोड़ा जाएा और दोनों पक्ष पारस्‍परिक रूप से इसकी पुष्टि करेंगे. भारतीय सेना और विदेश मंत्रालय दोनों ने इसकी बयानों में पुष्टि की है.बयान के मुताबिक़ 8 तारीख़ को सुबह यह प्रक्रिया शुरू हुई है और 12 सितंबर तक पूरी कर ली जाएगी.ध्यान देने वाली बात ये भी है कि प्रक्रिया सुबह शुरू हुई  लेकिन आर्मी का बयान बिल्कुल शाम में आया यानी चीनी सैनिक पीछे हट रहे हैं, इसकी दिनभर तस्दीक़ करने के बाद बयान जारी किया गया.

गौरतलब है कि विदेश मंत्रालय के इस बयान से एक दिन पहले भारत और चीन की सेनाओं ने घोषणा की थी कि उन्होंने गोगरा-हॉटस्प्रिंग्स के ‘पेट्रोलिंग प्वाइंट 15' से बलों की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस स्थान पर दोनों सेनाओं के बीच पिछले दो साल से अधिक समय से गतिरोध बना हुआ है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों पक्षों ने वार्ता जारी रखने और भारत-चीन सीमावर्ती इलाकों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास शांति बहाल करने एवं शेष मुद्दों को सुलझाने पर सहमति जताई है.

मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस मामले से जुड़े सवालों के जवाब में कहा, ‘‘इस बात पर सहमति बनी कि इलाके में दोनों पक्षों द्वारा बनाए गए सभी अस्थायी ढांचे और अन्य संबद्ध ढांचे ध्वस्त किए जाएंगे और इसकी पारस्परिक रूप से पुष्टि की जाएगी. इलाके में भूमि का वही प्राकृतिक रूप बहाल किया जाएगा, जो दोनों पक्षों के बीच गतिरोध की स्थिति से पहले था.'' गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी 2021 में पेंगोंग लेक और उसी साल अगस्त में गोगरा हॉट स्प्रिंग के पेट्रोलिंग पॉइंट 17 से दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटी थी. आपको बता दें कि जून 2020 को दोनों देशों की सेनाएं के बीच गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हुए थे और चीन के करीब 40 से 45 सैनिक मारे गए थे. पूर्वी लद्दाख में जारी तनातनी को देखते हुए चीन ने 50 हजार से ज़्यादा सैनिक सीमा पर तैनात कर रखे हैं और भारत ने भी करीब उतने ही सैनिक तैनात कर रखे हैं, ताकि चीन की किसी भी हरकत का जवाब दे सके.दोनों देशों की सेनाओं के कोर कमांडर स्तर में 17 जुलाई को हुई बातचीत में यह फैसला हुआ कि गोगरा और हॉट स्प्रिंग यानि पी पी 15 से दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटेंगी. (भाषा से भी इनपुट)

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