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पंजाब निकाय चुनाव: 105 स्थानीय निकायों के लिए मतदान जारी, बैलेट पेपर से हो रही वोटिंग, 29 मई को आएंगे नतीजे

Punjab Municipal Elections: पंजाब में नगर निकाय चुनाव के लिए वोटिंग जारी है. पंजाब के 8 नगर निगम, 76 नगर परिषद और 21 नगर पंचायत हैं. चुनाव के नतीजे 29 मई को आएंगे.

पंजाब निकाय चुनाव: 105 स्थानीय निकायों के लिए मतदान जारी, बैलेट पेपर से हो रही वोटिंग, 29 मई को आएंगे नतीजे
Punjab Municipal Election
  • पंजाब में 1896 वार्डों और आठ नगर निगमों के पार्षद चुनाव के लिए वोटिंग जारी
  • चुनाव आयोग ने चुनाव की सुरक्षा और निष्पक्षता के लिए 32000 पुलिसकर्मी तथा 35000 चुनाव कर्मचारी तैनात किए
  • चुनाव में आठ नगर निगमों समेत 7555 उम्मीदवार भाग ले रहे हैं जिनमें प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवार शामिल हैं
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पंजाब में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मंगलवार को आम आदमी पार्टी शासित राज्य के 1,896 वार्डों और आठ नगर निगमों के पार्षदों के चुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है. करीब 35.45 लाख मतदाता मंगलवार शाम 5 बजे तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. सुबह 8 बजे मतदान शुरू होने से पहले ही राज्यभर में मतदाता पोलिंग बूथों पर पहुंचने लगे थे. 

राज्य चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए करीब 32,000 पुलिसकर्मी और 35,000 चुनाव कर्मचारियों की तैनाती की है. यह चुनाव आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 20 नगर पंचायतों में हो रहे हैं. इस चुनाव के वोटों की काउंटिंग 29 मई को होगी, उसी दिन नतीजे आने शुरू हो जाएंगे.

कहां कहां हो रही वोटिंग?

आठ नगर निगम अबोहर, मोहाली, मोगा, बठिंडा, बरनाला, बटाला, कपूरथला और पठानकोट में हैं. चुनाव मैदान में कुल 7,555 उम्मीदवार हैं. इनमें 1,801 आम आदमी पार्टी, 1,550 कांग्रेस, 1,316 भाजपा, 1251 शिरोमणि अकाली दल और बहुजन समाज पार्टी के 96 उम्मीदवार शामिल हैं। वहीं 1528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं. मतदाताओं में 18,33,712 पुरुष, 17,11,635 महिलाएं और अन्य श्रेणी में 220 मतदाता शामिल हैं.

EVM से चुनाव से कराने की याचिका हाई कोर्ट ने की खारिज

नगर निकाय चुनावों से पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें चुनाव आयोग के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने के फैसले को चुनौती दी गई थी. चीफ जस्टिस शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की बेंच ने कहा था कि ईवीएम-वीवीपेट से बैलेट पेपर पर जाने का फैसला बिना किसी कानूनी संशोधन, विधायी मंजूरी या सार्वजनिक चर्चा के अचानक प्रशासनिक आदेश के जरिए लिया गया.

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सरकार को चेतावनी दी है कि स्थानीय निकाय चुनाव जीतने के लिए किसी भी अवैध तरीके का इस्तेमाल न किया जाए. उन्होंने कहा कि पंजाब अब आम आदमी पार्टी के डर और दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुकेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि आप नेताओं और विधायकों द्वारा मतदान केंद्रों के दरवाजे बंद करने और बूथ कब्जाने जैसे बयान सरकार की बेचैनी को दिखाते हैं. हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुनाव प्रचार नहीं किया लेकिन उनके मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने पार्टी उम्मीदवारों के लिए जोरदार प्रचार किया.

चुनाव के नतीजे चाहे जो भी हों, भाजपा की पंजाब इकाई का मानना है कि पार्टी राज्य में तेजी से मजबूत राजनीतिक ताकत बनकर उभर रही है और शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है. भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि फरवरी 2021 के स्थानीय निकाय चुनावों और मई 2026 के मौजूदा चुनावों के बीच पंजाब की राजनीति में भाजपा की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है.

उन्होंने कहा कि 2021 में पार्टी को कई जगह विरोध का सामना करना पड़ा था और कई क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारने में भी मुश्किल हुई थी. हालांकि इस बार बड़ी संख्या में लोग भाजपा टिकट लेने के लिए आगे आए और कहीं भी भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ. 

भाजपा ने नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए 1,226 उम्मीदवार और आठ नगर निगम चुनावों के लिए 367 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. इससे राज्य में पार्टी की बढ़ती संगठनात्मक ताकत और लोगों के बीच बढ़ती स्वीकार्यता दिखाई देती है. भाजपा का दावा है कि अब पार्टी को सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित समर्थन नहीं मिल रहा, बल्कि ग्रामीण पंजाब में भी उसका जनाधार लगातार बढ़ रहा है.

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