कश्मीर में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद ईरान के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए गए. श्रीनगर, पुलवामा और बडगाम के कई शिया बहुल इलाकों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर ईरान के प्रति एकजुटता जताई. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी भी की.
श्रीनगर में नेहरू पार्क के पास हसनाबाद और गुंड हसी भट जैसे इलाकों में रैलियां निकाली गईं. प्रदर्शनकारियों ने ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अली खामेनेई के प्रति समर्थन व्यक्त किया और ईरान पर बढ़ते बाहरी दखल की निंदा की. प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर ईरान और खामेनेई के समर्थन में नारे लगाए.
मध्य कश्मीर में बडगाम के मेन चौक और दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के गांगू इलाके में भी इसी तरह के प्रदर्शन देखे गए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वो ईरान के खिलाफ रची जा रही साजिशों के विरोध में खड़े हुए हैं. अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली.
पुलवामा में मीडिया से बात करते हुए एक शिया नेता ने अमेरिका और इजरायल पर दुनिया भर के मुसलमानों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि मोसाद और सीआईए के एजेंट ईरान में सुरक्षा बलों और निर्दोष लोगों पर हमले कर रहे हैं. उनका कहना था कि कश्मीर के लोग अमेरिका और इजरायल को बताना चाहते हैं कि दुनिया भर के मुसलमान अपने भाइयों के समर्थन में हमेशा तैयार हैं.
उधर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ईरान के लोगों से अमेरिका और इजराइल की चालों को नाकाम करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया और खामेनेई सरकार से प्रदर्शनकारियों की शिकायतों का समाधान करने की अपील की.
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती ने कहा कि अमेरिका की यह कहने की आदत है कि वह दूसरे देशों में नेतृत्व को हटाकर वहां लोकतंत्र स्थापित करना चाहता है... जो पूरी तरह गलत है. असल में अमेरिका की नजर ईंधन जैसे संसाधनों पर रहती है, इसीलिए वह दखल देना चाहता है. बता दें ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और वहां की कार्रवाई में 2,600 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबरें आ रही हैं.
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