राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 78 गैलेंट्री अवॉर्ड को अपनी मंजूरी दे दी है. 19 जवानों को शौर्य चक्र मिलने वाला है, वहीं 9 जवानों को कीर्ति चक्र दिया जाएगा. यहां भी 13 मरणोपरांत पुरस्कार शामिल है. इस बार राजपूताना राइफल्स के मेजर आदित्य प्रताप सिंह को शौर्य चक्र से नवाजा जा रहा है. वर्तमान में वे 44 असम राइफल्स में तैनात हैं. इस बार ऑर्मी डॉग टायसन को भी सम्मानित किया जा रहा है.
इस बार 9 कीर्ति चक्र दिए जा रहे हैं, यहां भी सात मरणोपरांत हैं. जो 19 शौर्य चक्र दिए जा रहे हैं, वहां पर एक मरणोपरांत है. इसके अलावा 36 सेवा मेडल दिए जाने हैं, यहां भी मरणोपरांत हैं और इनमें से पांच बार. तीन नौसेना मेडल और पांच वायु सेना मेडल भी दिए जाने हैं. 9 कीर्ति चक्र विजेता इस प्रकार हैं, नीचे दी गई टेबल में देखें-
| क्रमांक | नाम | मरणोपरांत |
| 1 | लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज फ्रांसिस | नहीं |
| 2 | मेजर जितेंद्र राठी | नहीं |
| 3 | हवलदार गजेंद्र सिंह | हां |
| 4 | हेड कांस्टेबल जगबीर सिंह | हां |
| 5 | SG कांस्टेबल जसवंत सिंह | हां |
| 6 | SG कांस्टेबल बलविंदर सिंह | हां |
| 7 | SG कांस्टेबल तारिक हुसैन | हां |
| 8 | हेड कांस्टेबल बशीर अहमद | हां |
| 9 | इंस्पेक्टर STF सुनील कुमार | हां |
जानकारी के लिए बता दें कि आजादी के तीन साल बाद 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू हुआ और भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया था. इसके बाद भारत सरकार ने देश के जवानों की बहादुरी के लिए वीरता पुरस्कार- परम वीर चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र देने शुरू किए थे. परमवीर चक्र भारतीय सेना का सर्वोच्च सम्मान है. देश के जवानों को कर्तव्य पथ पर दुश्मनों से मुकाबला करते समय अदम्य साहस दिखाने के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया जाता है. 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर यह मेडल अस्तित्व में आया था.
महावीर चक्र भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों को दिया जाता है. कर्तव्य पथ पर दुश्मनों का डटकर सामना करने के लिए जवानों को यह मेडल प्रदान किया जाता है. महावीर चक्र के अलावा सरकार हर महीने उन्हें एक तय राशि भी देती है. चांदी से बना हुआ यह गोलाकार मेडल सफेद और नारंगी रंग के फीते से बंधा होता है.
कीर्ति चक्र भी जवानों के परम साहस और दृढ़ संकल्प के लिए दिया जाता है. यह मेडल सेना, नौसेना, वायु सेना और रिजर्व सेना के कर्मचारी से लेकर अधिकारी को प्रदान किया जाता है. हरे रंग के फीते में लटका हुआ यह मेडल गोलाकार होता है. इसकी शुरुआत 4 जनवरी 1952 को की गई थी.
वीर चक्र भारतीय जवानों को उनकी अदम्य और असाधारण वीरता के लिए प्रदान किया जाता है. यह मेडल गोलाकार होता है, जिसके बीच में पांच नोक बने होते हैं. वीर चक्र के अलावा वीर जवानों को हर माह एक तय राशि भी दी जाती है. वीर चक्र की शुरुआत भी 26 जनवरी 1950 को हुई थी.
शौर्य चक्र कांसे से बना हुआ गोलाकार पदक होता है. यह मेडल पीस टाइम गैलेंट्री अवॉर्ड की श्रेणी में आता है. दुश्मनों से मुकाबला करते समय अदम्य साहस का परिचय देने के लिए, भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के वीर जवानों को यह पदक दिया जाता है. शौर्य चक्र की शुरुआत 4 जनवरी 1950 को हुई थी.
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