- प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और रामभद्राचार्य के बीच तीखी बहस हुई
- इस दौरान रामभद्राचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शंकराचार्य होने पर सवाल खड़े कर दिए
- रामभद्राचार्य ने अविमुक्तेश्वरानंद के गंगा स्नान के दिन रथ पर चढ़ने को अशास्त्रीय करार दिया
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के संगम में चल रहे माघ मेले में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए विवाद ने हलचल मचा दी है. ये मामला इतना गरमाया कि अब संत समाज ही इसमें एक दूसरे को नसीहत देते दिख रहा है. NDTV के शो में रामभद्राचार्य और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जब आमने-सामने हुए तो दोनों के बीच तीखी बहस देखने को मिली. रामभद्राचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से शंकराचार्य की संधि तक पूछ ली.
CM योगी के कालनेमि वाले बयान से और बढ़ा मामला, NDTV पर अविमुक्तेश्वरानंद और रामभद्राचार्य में तीखी बहस#ShankaracharyaControversy | #Avimukteshwarananda | @sucherita_k pic.twitter.com/IaCbLrnIt7
— NDTV India (@ndtvindia) January 23, 2026
योगी आदित्यनाथ के ‘कालनेमि' बयान पर बवाल
बहस की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान से हुई, जिसमें उन्होंने ‘कालनेमि' का उदाहरण दिया था. इस पर NDTV एंकर ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सवाल किया कि उनके अनुसार कालनेमि कौन है? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीधे कहा कि मुख्यमंत्री को अपने प्रदेश की शिक्षा‑स्वास्थ्य और तरक्की की बात करनी चाहिए, धर्म-अधर्म के मुद्दों पर नहीं. जब आप राजनेता हैं तो धर्माचार्य बनने की कोशिश क्यों कर रहे हैं?”
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को रामभद्राचार्य का जवाब
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की बात पर रामभद्राचार्य ने पलटवार करते हुए कहा कि ये शंकराचार्य हैं ही नहीं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कठोर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य हैं ही नहीं. उन्होंने शास्त्र-विरुद्ध आचरण किया है. गंगा स्नान के लिए रथ पर चढ़कर जाना अशास्त्रीय है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो शंकराचार्य शब्द की संधि तक नहीं जानता, वह खुद को शंकराचार्य बता रहा है.
फंडिंग, राजनीति और समाजवादी पार्टी का मुद्दा भी उठा
रामभद्राचार्य ने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को समाजवादी पार्टी से फंड मिलता है, इसलिए वे विवाद खड़ा कर रहे हैं. इस पर स्वामी ने कहा कि जो जैसा होता है वह वैसा ही दूसरे के बारे में सोचता है. अगर कोई सोचता है हम फंड लेते हैं, तो असल में वही लोग फंड लेकर काम करते हैं. उनसे जब पूछा गया कि अखिलेश यादव उनके समर्थन में क्यों आए, तो उन्होंने कहा कि कोई हमारे लिए नहीं बोलता. सब अपने फायदे के लिए बोलते हैं.

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विवाद इन्होंने फैलाया”—रामभद्राचार्य का आरोप
रामभद्राचार्य ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद जो कर रहे हैं वह “अव्यवस्था” फैलाना है. गंगा स्नान पर हुए टकराव को लेकर उन्होंने कहा कि कोई मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री भी यह अनुमति नहीं दे सकता कि गंगा तट तक वाहन ले जाओ. यह तो नियम विरुद्ध है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर मेला प्राधिकरण कार्रवाई करे या बैन करे तो यह उचित होगा.
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