प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के धरने के बीच यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन पर बिना नाम लिए हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि ऐसे तमाम कालनेमी होंगे,जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे. हमें उनसे सावधान होना होगा. हमें उनसे सतर्क रहना होगा. योगी आदित्यनाथ गुरुवार को हरियाणा के सोनीपत में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
योगी आदित्यनाथ ने कहा क्या है
इस समारोह में योगी आदित्यनाथ ने कहा,''कोई धर्म के खिलाफ आचरण करता है, क्योंकि ऐसे तमाम कालनेमी होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे. हमें उनसे सावधान होना होगा. हमें उनसे सतर्क रहना होगा.''
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ऐसे तमाम कालनेमि होंगे, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे होंगे,
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 22, 2026
हमें उनसे सावधान रहना होगा... pic.twitter.com/AgyHSj39Ti
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भारत एक नई आभा के साथ आगे बढ़ रहा है. आज जब दुनिया में जब हलचल है, अराजकता है और अव्यवस्था है और लोग आपस में लड़ रहे हैं तो भारत एक शानदार यात्रा के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि ये शानदार यात्रा नहीं होती तो प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन साढ़े चार करोड़ लोग आस्था की डुबकी नहीं लगाते, जबकि यह माघ मेला है कुंभ भी नहीं है. उन्होंने कहा कि यह हमारा दायित्व है कि हम हर उस प्रतीक को सम्मान दें, जिसके लिए हमारे ऋषि-मुनियों, संतों और शास्त्रों ने प्रेरित किया है. उन्होंने कहा कि किसी को क्या यह अधिकार मिल सकता है कि वो हमारी देवतुल्य नदियों को प्रदूषित करे, उनकी अविरलता को दूषित करे, बाधित करे. उन्होंने कहा कि हमें किसी को भी यह अधिकार नहीं देना चाहिए.

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मौनी अमावस्या का स्नान करने के लिए रविवार को अपनी पालकी से जा रहे थे, इसी दौरान यह विवाद हो गया.
किस बात पर धरना दे रहे हैं अविमुक्तेश्वरानंद
प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को मौनी अमावस्या पर रविवार को गंगा स्नान करने से रोक दिया गया था.वो अपने एक छोटी सी पालकी के साथ गंगा स्नान के लिए जा रहे थे. प्रशासन का आरोप है कि अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों ने पुलिस बैरीकेड्स तोड़ दिए थे. इसके बाद से अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठे हैं. उनकी मांग है कि मेला प्रशासन उनसे माफी मांगे तभी वो स्नान करेंगे. अभी यह तय नहीं है कि शुक्रवार को वसंत पंचमी पर होने वाले स्नान में वो शामिल होंगे या नहीं. मेला प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद टकराव जारी है. प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को दो नोटिस जारी किए हैं, जिनके जवाब उन्होंने दे दिए हैं. एक नोटिस में तो मेला प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को यह बताने के लिए कह दिया था कि वो शंकराचार्य हैं या नहीं.
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