- दिल्ली एनसीआर में अचानक बदला मौसम और मॉनसून की विदाई के बाद बारिश देखने को मिली
- मौसम विभाग ने अभी 48 घंटों तक ऐसा ही मौसम रहने के संकेत दिए हैं. घर से निकलने के पहले अलर्ट जान लें
- मॉनसून की विदाई के बाद पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती हवाओं के कारण ये बारिश हुई है.
मॉनसून की विदाई तो उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत समूचे उत्तर भारत से हो चुकी है, लेकिन इस बीच दिल्ली एनसीआर में रविवार रात से झमाझम बारिश देखने को मिल रही है. आसमान में काले बादलों ने डेरा डाला है और पहाड़ों से आ रहीं बर्फीली हवाओं ने दिसंबर की सर्दी का अहसास करा दिया है. दिल्ली-एनसीआर से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई सितंबर के आखिरी में हो गई थी, लेकिन अब पोस्ट-मॉनसून रेन का असर दिख रहा है. अभी दो दिन तक बारिश की सक्रियता बनी रहेगी. पहाड़ों की ओर से पश्चिमी विक्षोभ के असर पंजाब-राजस्थान बॉर्डर पर चक्रवात बन गया है, जो बंगाल की खाड़ी की से आ रही नम पुरवैया हवाओं को अपनी ओर खींचकर बारिश ला रहा है.
मॉनसून की विदाई के बाद बारिश की 3 वजहें
1. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ
ईरान से पाकिस्तान होते हुए भारत के हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से मौसम बदला है. भूमध्य सागर और कैस्पियन सागर से उठे इस गैर मॉनसूनी चक्रवाती सिस्टम से नम हवाएं बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि करवा रही हैं. यही वजह है कि उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के बाद भारी बारिश लाने वाले काले घने बादल दिल्ली एनसीआर में गरज-बरस रहे हैं. ये पश्चिम विक्षोभ अब दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम समेत मैदानी इलाकों को जकड़ चुका है.
2, चक्रवात का प्रवाह
हिमालय क्षेत्र के पहाड़ों से टकराने के बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से चक्रवाती हवाओं ने निचले इलाकों में बादलों का घेरा तैयार कर दिया है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के निचले वायुमंडल में ऐसी साइक्लोनिक एक्टिविटी देखी जा रही है. इसका असर दिल्ली तक है.
3. अरब सागर, बंगाल की खाड़ी से नम हवाओं का टकराव
मॉनसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन बंगाल की खाड़ी या अरब सागर से आ रही नम पुरवैया हवाएं पश्चिमी विक्षोभ की ठंडे और शुष्क हवाओं से टकरा रही हैं. इस कारण बारिश लाने वाली ट्रफ लाइन बन रही है. गरज-चमक वाले घने बादलों का घेरा बन रहा है, जो बारिश ला रहा है.

तापमान में कमी से भी बदला मौसम
लौटते मॉनसून के बाद अक्टूबर में दिन गर्मी बढ़ जाती है, लेकिन ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी नम हवाओं का असर रहता है. तापमान में इस अंतर से अचानक तेज आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश का माहौल बन रहा है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बागपत के अलावा मथुरा, बदायूं, अलीगढ़, मुरादाबाद रीजन में भी बारिश देखने को मिली है. पंजाब के फाजिल्का, पठानकोट, अमृतसर में कल भारी बारिश हुई थी. उत्तराखंड में भी केदारनाथ-बद्रीनाथ के साथ हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हो रही है.
दिल्ली-एनसीआर में कब तक बारिश
भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा में अभी 13 अक्टूबर तक देखने को मिलेगा.13-14 अक्टूबर के बाद यह वेदर सिस्टम पूर्वी क्षेत्र में बंगाल, बिहार, झारखंड की ओर आगे बढ़ जाएगा. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में 14 अक्टूबर से मौसम साफ दिखेगा. हालांकि बारिश थमते ही उत्तर पश्चिम की ठंडी हवाएं अपना असर दिखाएंगी. दिल्ली में तापमान में 3 से 5 डिग्री की कमी के साथ गुलाबी ठंड दस्तक देगी.
IMD DISTRICT-WISE NOWCAST WARNING Valid for the next 3 hours Issue Time: 12-10-2026 06:00 Hrs IST Valid Up To: 12-10-2026 09:00 Hrs IST 🔴 RED WARNING — TAKE ACTION Lightning/thunderstorms with gusty winds around 60 kmph and heavy rain above 15 mm/hour are very likely over: * Delhi: Central Delhi, East Delhi, New Delhi, North Delhi, North East Delhi, North West Delhi, Shahadra, South Delhi, South East Delhi, South West Delhi, West Delhi 🟠 ORANGE ALERT — BE PREPARED Thunderstorms and lightning with gusty winds of 40–60 kmph and moderate to intense rain of 5–15 mm/hour are likely over: * Haryana: Faridabad, Gurgaon, Rohtak, Sonipat * Uttar Pradesh: Amroha, Baghpat, Bijnor, Bulandsahar, Gautam Budh Nagar, Ghaziabad, Hapur, Meerut, Sambhal ⚠️ Safety Advisory: Stay alert and take necessary precautions. Do not shelter under trees or weak structures. Check road and traffic conditions, avoid flood/landslide-prone areas, and follow official advice. MORE DETAILS (including Yellow warnings) https://t.co/lQ5xJbGQ5f ──────────────────────────── India Meteorological Department Ministry of Earth Sciences
— India Meteorological Department (@Indiametdept) October 12, 2026
मौसमी पैटर्न से क्यों आया बदलाव
पश्चिमी विक्षोभ हमेशा पश्चिम से उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ता है. लिहाजा उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल पर सबसे पहले असर पड़ता है. फिर पंजाब और हरियाणा का नंबर आता है. जब यह वेदर सिस्टम उत्तराखंड और हिमाचल के हिमालयी पहाड़ों से टकराता है तो बादल ऊपर उठते हैं. उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश और बर्फबारी होती है. पहाड़ों से टकराने के बाद नम हवाओं का झुकाव दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर होता है. पहाड़ों और हरियाणा-राजस्थान से आने वाली नम हवाओं का मिलन दिल्ली में होता है और यहां तेज बारिश देखने को मिली है.
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