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आसनसोल में लाउडस्पीकर बंद कराने पहुंची पुलिस पर क्यों भड़की भीड़? चौकी पर बोल दिया हमला, तोड़फोड़

Asansol loudspeaker controversy : हमलावरों ने चौकी के अंदर घुसकर भी नुकसान पहुंचाया, जिससे वहां रखे कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में पत्थरों और मलबे के ढेर लग गए, जबकि टूटे हुए वाहन और बिखरा सामान हिंसा की गंभीरता को दिखा रहे थे.

आसनसोल में लाउडस्पीकर बंद कराने पहुंची पुलिस पर क्यों भड़की भीड़? चौकी पर बोल दिया हमला, तोड़फोड़
  • पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में मस्जिद के लाउडस्पीकर को लेकर शिकायत के बाद विवाद हिंसक रूप ले लिया.
  • भीड़ ने जहांगीरी मोहल्ला पुलिस चौकी पर पथराव किया और वाहनों तथा पुलिस सामान को नुकसान पहुंचाया.
  • पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े, अतिरिक्त बल तैनात किया गया.
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पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में लाउडस्पीकर को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया. आसनसोल नॉर्थ थाना क्षेत्र के जहांगीरी मोहल्ला में मस्जिद के लाउडस्पीकर को लेकर हुई शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई ने हालात को और बिगाड़ दिया. आरोप है कि पुलिस द्वारा लाउडस्पीकर हटाने या उसे बंद कराने के प्रयास के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई और देखते ही देखते सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई. गुस्साई भीड़ ने न केवल विरोध प्रदर्शन शुरू किया, बल्कि कानून को अपने हाथ में लेते हुए जहांगीरी मोहल्ला पुलिस चौकी का घेराव कर दिया.

स्थिति कुछ ही देर में बेकाबू हो गई और भीड़ ने पुलिस चौकी पर पथराव शुरू कर दिया. इस दौरान चौकी परिसर में खड़े वाहनों को निशाना बनाया गया और कई मोटरसाइकिलों को गिराकर तोड़फोड़ की गई. हमलावरों ने चौकी के अंदर घुसकर भी नुकसान पहुंचाया, जिससे वहां रखे कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में पत्थरों और मलबे के ढेर लग गए, जबकि टूटे हुए वाहन और बिखरा सामान हिंसा की गंभीरता को दिखा रहे थे.

हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को मजबूरी में कड़ा रुख अपनाना पड़ा. सबसे पहले भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया गया, लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दी, तब पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया. इसके बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई, ताकि किसी भी तरह की आगे की अनहोनी को रोका जा सके.

घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और इलाके में फ्लैग मार्च भी निकाला गया, ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम किया जा सके. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है. अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान की जा रही है.

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