
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि सदन चलाना सभी पार्टियों का सामूहिक दायित्व है। प्रधानमंत्री ने सोमवार से शुरू हो रहे संसद सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में यह बात कही।
पीएम मोदी ने सभी पार्टियों को आश्वस्त किया कि सदन में उठाए जाने वाले सभी मुद्दों पर उनकी महत्ता के अनुसार चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि बजट सत्र बहुत महत्वपूर्ण है।
संसद का बजट सत्र शुरू होने से एक दिन पहले सरकार ने आज सहयोग के लिए विपक्षी दलों से संपर्क किया और कहा कि वह किसी भी मुद्दे के समाधान पर चर्चा के लिए इच्छुक है, ताकि यह सत्र लाभकारी हो सके।
संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने सबसे बड़े विपक्षी दल का सहयोग हासिल करने के प्रत्यक्ष प्रयास के तहत सुबह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की। सरकार को खासतौर पर राज्यसभा में अध्यादेशों को कानून का रूप देने में उसके सहयोग की आवश्यकता होगी। नायडू ने इसे एक 'अच्छी' मुलाकात बताया।
बाद में संसदीय कार्य मंत्री ने संसद के दोनों सदनों के सभी दलों के नेताओं की बैठक आयोजित की और सोमवार से शुरू हो रहे बजट सत्र के दौरान आपसी सहयोग की भावना की आवश्यकता पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर मतभेद को सुलझाने के लिए सरकार विपक्ष के साथ बैठने के लिए हमेशा तत्पर है। बजट सत्र लाभकारी हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए आपसी सहयोग की भावना जरूरी है। विवादास्पद भूमि अधिग्रहण अध्यादेश की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिकरण के बगैर इस मुद्दे पर ईमानदारी से ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं