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पीयूष गोयल का अमेरिकी दौरा: G20 बैठक में शामिल होंगे वाणिज्य मंत्री, 100% टैरिफ बिल पर हो सकती है अहम वार्ता

इस अमेरिका दौरे पर भारत सरकार को उम्मीद है कि इससे भारतीय निर्यातकों, विशेषकर MSME, किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुलेगा.

पीयूष गोयल का अमेरिकी दौरा: G20 बैठक में शामिल होंगे वाणिज्य मंत्री, 100% टैरिफ बिल पर हो सकती है अहम वार्ता
भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अमेरिकी में G20 बैठक में शामिल होंगे.
  • मंत्री पियूष गोयल G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में मिल्वौकी, अमेरिका में 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को भाग लेंगे
  • WTO के केंद्र में होने और विकासशील देशों के लिए नीतिगत गुंजाइश सुनिश्चित करने पर काम करेगा
  • पियूष गोयल अमेरिका दौरे के दौरान द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने हेतु बातचीत करेंगे

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल अपने सात दिवसीय अमेरिकी दौरे के दौरान अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के निमंत्रण पर 30 सितंबर और 1 अक्टूबर 2026 को मिल्वौकी, विस्कॉन्सिन में होने वाली G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे. वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, "इस बैठक में G20 सदस्य देशों के व्यापार मंत्री एक साथ आएंगे. 

भारत सभी G20 सदस्यों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ेगा और एक ऐसी बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था की दिशा में काम करेगा, जो नियम-आधारित, खुली, समावेशी, पारदर्शी, निष्पक्ष और भेदभाव-रहित हो और जिसके केंद्र में विश्व व्यापार संगठन (WTO) हो. साथ ही, विकासशील देशों के लिए पर्याप्त नीतिगत गुंजाइश भी सुनिश्चित की जाएगी." बैठक के दौरान पियूष गोयल अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. इन मुलाकातों में किसानों, मछुआरों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स, MSME और अन्य उद्यमों के लिए अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

रूस-ईरान प्रतिबंध कानून के बीच अहम दौरा

वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल ऐसे समय अमेरिका पहुंच रहे हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 'Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026' पर हस्ताक्षर कर चुके हैं. इस कानून के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार अमेरिकी राष्ट्रपति को दिया गया है.

"पियूष गोयल भारत और अमेरिका के बीच एक संतुलित और दोनों देशों के लिए लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को आगे बढ़ाने तथा 7 फरवरी 2026 के संयुक्त बयान के आधार पर एक अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने के प्रयासों के तहत अपने अमेरिकी समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे."

टैरिफ में विशेष रियायत मिलने पर होगी घोषणा

पियूष गोयल ने 3 सितंबर को दिए एक महत्वपूर्ण बयान में कहा था कि जब वॉशिंगटन भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले टैरिफ में विशेष लाभ देगा, तब भारत अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देगा. "जैसे ही अमेरिका हमें विशेष लाभ देगा, हम BTA को अंतिम रूप देंगे और व्यापार समझौते की घोषणा करेंगे. भारत की टैरिफ दरें प्रतिस्पर्धी देशों को मिलने वाली दरों से बेहतर या शून्य होनी चाहिए." वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, भारत और अमेरिका के बीच फ्रेमवर्क डील को लेकर सहमति बन चुकी है. इसे उचित समय पर हस्ताक्षरित किया जाएगा. उम्मीद है कि इस साल के अंत तक यह फ्रेमवर्क डील अमेरिका के साथ हस्ताक्षरित हो सकती है.

30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार तक पहुंच की उम्मीद

भारत सरकार को उम्मीद है कि इससे भारतीय निर्यातकों, विशेषकर MSME, किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुलेगा. निर्यात में बढ़ोतरी से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है. पिछले महीने वाणिज्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने संसद में पेश अपनी रिपोर्ट 'भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के मूल्यांकन' में भारत सरकार से प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को देशहित पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए जल्द से जल्द पूरा करने की सिफारिश की थी.

'मिशन 500' के लिए समयबद्ध रोडमैप की जरूरत

संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था, "समिति का मानना है कि विभाग को 'मिशन 500' पहल के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए एक समयबद्ध रोडमैप भी तैयार करना चाहिए. इसमें वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को बढ़ावा देना, निवेश को प्रोत्साहित करना, 'ट्रांसफॉर्मिंग द रिलेशनशिप यूटिलाइजिंग स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी' (TRUST) फ्रेमवर्क के तहत महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग को मजबूत करना, आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक लचीला और सक्षम बनाना तथा भारतीय निर्यातकों के सामने आने वाली टैरिफ और गैर-टैरिफ बाजार पहुंच बाधाओं को दूर करना शामिल होना चाहिए."

अमेरिकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से करेंगे मुलाकात

मिल्वौकी और शिकागो में पियूष गोयल विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), उपभोक्ता वस्तुओं (कंज्यूमर गुड्स), एग्री-बिजनेस, रिटेल और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों की प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा, वह कारोबार, स्टार्टअप और नवाचार से जुड़ी कंपनियों के साथ बैठकों में भी हिस्सा लेंगे. इस दौरे के दौरान पियूष गोयल भारत को विनिर्माण और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत करेंगे तथा अमेरिकी कंपनियों को भारतीय कंपनियों के साथ अपनी साझेदारी और मजबूत करने के लिए आमंत्रित करेंगे.

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