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FTA समझौते बने गेमचेंजर...अमेरिका से ट्रेड डील के बीच पीयूष गोयल ने इंडस्ट्री को दिया एक्सपोर्ट बूस्ट प्लान

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने निर्यातकों से FTAs का पूरा लाभ उठाने, गुणवत्ता व प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और नए बाजारों में पहुंच तेज करने की अपील की.

FTA समझौते बने गेमचेंजर...अमेरिका से ट्रेड डील के बीच पीयूष गोयल ने इंडस्ट्री को दिया एक्सपोर्ट बूस्ट प्लान
  • वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक्सपोर्टरों से मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने की गंभीर पहल करने को कहा
  • अमेरिकी टैरिफ रद्द होने से श्रम‑गहन क्षेत्रों में व्यापार विश्वास और रोजगार सुरक्षा की संभावनाएं बढ़ी हैं
  • सरकार के मुक्त व्यापार समझौतों से किसानों, कारीगरों, MSME और पारंपरिक औषधियों को वैश्विक बाजारों में बढ़ावा
नई दिल्ली:

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने देश के बड़े एक्सपोर्टरों, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिलों और उद्योग निकायों से आह्वान किया है कि वैश्विक बाजारों में अधिक पहुंच हासिल करने के लिए वे अलग-अलग देशों के साथ साइन किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements) का लाभ उठाने के लिए गंभीरता से पहल करें.

वाणिज्य मंत्रालय में बैठक, 35 EPCs और उद्योग प्रतिनिधि शामिल

बुधवार को वाणिज्य मंत्रालय में देश की 35 बड़ी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल और उद्योग जगत के नेताओं के साथ पीयूष गोयल की लंबी बैठक हुई. इसमें वैश्विक व्यापार में भारतीय एक्सपोर्ट गुड्स की पहुंच बढ़ाने के विकल्पों पर विस्तृत चर्चा की गई.

टैरिफ रोलबैक से भरोसा लौटा, रोजगार की सुरक्षा संभव: उद्योग

एनडीटीवी से बातचीत में अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित क्षेत्रों रत्न और आभूषण, कपड़ा और परिधान, कालीन, चमड़ा और जूते, समुद्री उत्पाद, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग सामान और रसायन का प्रतिनिधित्व करने वाले संघों ने जोर देकर कहा कि टैरिफ रोलबैक ने व्यावसायिक विश्वास बहाल किया है और श्रम‑गहन क्षेत्रों में रोजगार की सुरक्षा संभव हुई है.

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“गुणवत्ता उन्नत करें, प्रतिस्पर्धा बढ़ाएं, नए बाजारों में प्रवेश करें” — गोयल

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, बैठक के दौरान पीयूष गोयल ने कहा, “उद्योग को अब नए बाज़ारों में प्रवेश करने, गुणवत्ता उन्नत करने और अधिक प्रतिस्पर्धी बनने के अपने प्रयास तेज़ करने चाहिए. विकसित देशों के साथ हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौतों की श्रृंखला का पूरा लाभ उठाने के लिए उन्हें पहल करनी चाहिए, जिससे रोज़गार सृजन बढ़े और वस्तुओं व सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा मिले.” उद्योग जगत के नेताओं और एसोसिएशनों ने बातचीत के दौरान सरकार की व्यापार‑संवर्धन पहल की सराहना की.

FTAs से किसानों, कारीगरों, MSME और पारंपरिक औषधियों को लाभ

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, मोदी सरकार ने किसानों, श्रमिकों, पेशेवरों, कारीगरों और MSME को तरजीही पहुंच दिलाने के लिए विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं. इन समझौतों से भारतीय पारंपरिक औषधियों और योग को भी वैश्विक अवसर मिलेंगे, जबकि कृषि और डेयरी क्षेत्रों के हितों की सुरक्षा की गई है.

“विकास भी, विरासत भी” — व्यापार सौदे ‘विकसित भारत' मिशन को गति देंगे

बैठक के बाद मंत्रालय की रिलीज में कहा गया, “उद्योग को नए बाजारों में प्रवेश, गुणवत्ता उन्नयन और व्यापार समझौतों का अधिकतम लाभ लेने के लिए अपने प्रयास तेज़ करने चाहिए. भारत ने प्राचीन युग से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपनी पहचान बनाई है. हमारे व्यापार सौदे विकसित भारत मिशन को गति देंगे और पीएम नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी' के मंत्र को आगे बढ़ाएंगे.”

अमेरिकी 25% अतिरिक्त टैरिफ हटने से प्रतिस्पर्धी पहुंच बहाल होने की उम्मीद

चर्चा के दौरान निर्यातकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि अमेरिका भारत के सबसे बड़े निर्यात स्थलों में से एक है. अतिरिक्त 25% टैरिफ खत्म होने से भारतीय निर्यातकों को महत्वपूर्ण स्थिरता और नई प्रतिस्पर्धात्मकता मिलेगी, तथा प्रतिस्पर्धी बाज़ार पहुंच दोबारा बहाल होने की उम्मीद है.

US‑India trade engagement: मार्केट एक्सेस, कंप्लायंस, एक्सपोर्ट रूट्स पर प्रस्तुति

मंत्रालय ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ हालिया व्यापार जुड़ाव पर भी प्रस्तुतियां दीं, जिसमें मार्केट एक्सेस अवसरों, अनुपालन ढांचे और निर्यात विस्तार मार्गों की रूपरेखा रखी गई. बातचीत के दौरान निर्यातकों की सहायता के लिए लाए गए Export Promotion Mission (EPM) के कार्यान्वयन की समीक्षा भी की गई.

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उद्योग जगत ने EPM के तहत पहले से शुरू हस्तक्षेपों का स्वागत किया, जिनमें शामिल हैं. निर्यात ऋण के लिए ब्याज सबवेंशन के माध्यम से ट्रेड फाइनेंस तक पहुंच में वृद्धि, MSME निर्यात ऋण के लिए संपार्श्विक गारंटी, लक्षित मार्केट एक्सेस सपोर्ट.

जल्द आएंगे नए उपाय: फाइनेंस, लॉजिस्टिक्स, कंप्लायंस, ब्रांडिंग, डाइवर्सिफिकेशन

बैठक में यह नोट किया गया कि भारत के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने के लिए व्यापार वित्त, निर्यात लॉजिस्टिक्स, निर्यात अनुपालन, ब्रांडिंग और बाज़ार विविधीकरण से जुड़े अतिरिक्त उपाय चरणबद्ध तरीके से शीघ्र शुरू किए जा रहे हैं.

ये प्रमुख संस्थाएं रहीं शामिल

बैठक में भाग लेने वाले निकायों में फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO), GJEPC, AEPC, CLE, EEPC India, CHEMEXCIL, TEXPROCIL, MATEXIL, अन्य प्रमुख टेक्सटाइल EPCs, CEPC, EPCH, SEAI सहित कृषि और संबद्ध निकायों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे.

लेखक के बारे में
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हिमांशु शेखर मिश्रा
Senior Editor, Political & Current Affairs
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