- मिडिल ईस्ट में जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है.
- ग्लोबल शिप ट्रैकिंग कंपनी MarineTraffic के अनुसार मध्य एशिया के पोर्ट्स के पास हजारों जहाज सेफ जोन में खड़े.
- भारत से 7-8 देशों को जाने वाले अरबों डॉलर के एक्सपोर्ट गुड्स युद्ध के कारण पोर्ट्स और जहाजों में फंसे हुए हैं.
मिडिल ईस्ट में भड़के युद्ध ने समुद्रों को भी शांत कर दिया है. हालात इतने गंभीर हैं कि ग्लोबल शिप ट्रैकिंग मैप पर होर्मुज जैसे रणनीतिक समुद्री मार्ग लगभग ठहर गए हैं. जहां कभी लगातार चलने वाले जहाजों की कतार दिखती थी. वहां अब लगभग शांति है. सेफ जोन में खड़े हजारों कार्गो जहाज इस बात का सबूत हैं कि संघर्ष सिर्फ सीमाओं तक नहीं, बल्कि भारत के अरबों डॉलर के एक्सपोर्ट तक पहुंच चुका है.
ग्लोबल शिप ट्रैकिंग इंटेलिजेंस कंपनी MarineTraffic के लाइव शिप्स मैप ने मध्य एशिया और खाड़ी क्षेत्र की समुद्री आवाजाही की भयावह तस्वीर सामने रख दी है. मैप में दिखाई दे रहा है कि मध्य एशिया के बड़े पोर्ट्स के पास एक हजार से ज्यादा कार्गो जहाज सेफ जोन में खड़े हैं, जबकि रणनीतिक रूप से बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों की मूवमेंट लगभग शून्य हो चुकी है.

भारत के एक्सपोर्ट गुड्स पर भारी असर
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का सीधा असर भारत के सात-आठ देशों में जाने वाले एक्सपोर्ट गुड्स पर पड़ रहा है. भारत से भेजे गए कई बिलियन डॉलर के कंसाइनमेंट अलग‑अलग देशों के पोर्ट्स और कार्गो जहाजों में फंसे पड़े हैं. सप्लाई रूट रुकने से व्यापार जगत में भारी चिंता है.
यह भी पढ़ें- हैक थे तेहरान के ट्रैफिक कैमरे और मोबाइल नेटवर्क... यूं ही नहीं इजरायल के पास थी खामेनेई की सबसे सटीक लोकेशन
NDTV ने Fortune Rice Limited के डायरेक्टर दीपक कुमार से MarineTraffic का लाइव मैप देखते हुए बातचीत की. उन्होंने बताया, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सिर्फ इक्का‑दुक्का जहाज ही आगे बढ़ रहे हैं. युद्ध की वजह से नुकसान का खतरा इतना ज़्यादा है कि अधिकांश जहाज बड़े पोर्ट्स के पास सेफ जोन में पार्क कर दिए गए हैं.'
समुद्र की पार्किंग में खड़े कई जहाज
MarineTraffic के लाइव मैप पर Red Spots उन जहाजों के हैं जिन्होंने अपना एक्सपोर्ट‑इम्पोर्ट कंसाइनमेंट पोर्ट पर उतारकर वापसी शुरू की है. जबकि Green Spots उन जहाजों को दर्शाते हैं जो कंसाइनमेंट लेकर रास्ते में थे लेकिन युद्ध शुरू होते ही वहीं अटक गए.
भारत को भी लगेगा तगड़ा झटका
तेजी से बिगड़ते हालात ने भारतीय एक्सपोर्ट सेक्टर की सप्लाई चेन को झटका दे दिया है. समुद्री रूट बंद होने से स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है, और एक्सपोर्टर्स को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं