- आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने तेलंगाना कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा
- कांग्रेस पर तेलंगाना में उन्हें बाहरी बताकर लोगों से मिलने से रोकने और बांटने वाली राजनीति करने का आरोप लगाया
- कल्याण ने तमिलनाडु के CM विजय और PM मोदी की तारीफ भी की
आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण तेलंगाना की कांग्रेस सरकार पर जमकर भड़के. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने उन्हें उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित किया है और वे बांटने वाली राजनीति कर रहे हैं. तेलंगाना सरकार ने पवन कल्याण को 'तेलंगाना स्थापना दिवस' पर दो हजार लोगों के साथ एक इनडोर मीटिंग करने की इजाजत नहीं दी थी.
NDTV से बात करते हुए पवन कल्याण ने कहा कि मुझे लगता है कि वे किसी तरह डरे हुए हैं. वरना उन्हें इजाजत देने से इनकार करने की कोई जरूरत नहीं थी. यह मेरा संवैधानिक अधिकार है. यह एक साधारण सी मीटिंग है.
कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना
जनसेना पार्टी (JSP) प्रमुख ने कहा कि वह 21 साल की उम्र से हैदराबाद में रह रहे हैं, उन्होंने तेलंगाना में चुनाव लड़ा है और दो दशकों की विपक्षी राजनीति के दौरान वहां अपना वोटबैंक बनाया. उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें 'बाहरी' बताकर तेलंगाना में लोगों से मिलने से रोक रही है. कल्याण ने कहा कि इसका मतलब है कि कांग्रेस को दक्षिण में कदम नहीं रखना चाहिए. अगर यही तर्क है, तो यह देश नहीं चल पाएगा.
उन्होंने कांग्रेस की तुलना भारत राष्ट्र समिति (BRS) से करते हुए कहा कि BRS, जिसने असल में तेलंगाना के गठन के लिए लड़ाई लड़ी थी, उसने कभी भी उन्हें नहीं रोका, जबकि वह 10 साल तक सत्ता में रही. कल्याण ने कहा, 'अजीब बात है कि कांग्रेस अब ऐसा कर रही है. केंद्रीय स्तर पर, वे ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे वे राष्ट्रीय अखंडता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हों. लेकिन जब राज्यों की बात आती है, तो सत्ता के लिए वे किसी भी हद तक गिर सकते हैं.'
तेलंगाना नगर निकाय चुनावों पर फोकस कर रही पवन की पार्टी
पवन की पार्टी जेएसपी अब तेलंगाना नगर निकायों पर फोकस कर रही है. उन्होंने कहा कि जेएसपी कैडर का धैर्य अब जवाब दे रहा है क्योंकि उन्हें बार-बार पीछे हटने के लिए कहा जाता है. उन्होंने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) चुनाव का उदाहरण दिया, जब उन्होंने JSP के लगभग 30-40 पार्षद उम्मीदवारों को चुनावी मैदान से हटने के लिए मनाया था. उन्होंने कहा, 'वे बहुत नाराज थे. लेकिन फिर भी मैंने उनसे कहा कि वोटिंग पैटर्न को न बिगाड़ें. उन्होंने कहा कि अगर आप हमें एक बार और रोकेंगे तो यह बहुत बड़ा अन्याय होगा. इस बार मुझे उन्हें मौका देना ही होगा.'
कल्याण आंध्र प्रदेश में पंचायती राज और पर्यावरण विभाग भी संभालते हैं. उन्होंने सीमित बजट के बावजूद काम पूरा करने के उदाहरण के तौर पर, नेशनल पंचायती राज रैंकिंग में राज्य के 24वें से पहले स्थान पर पहुंचने का जिक्र किया.
सीएम विजय पर क्या बोले पवन कल्याण?
कल्याण ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि विजय ने एक ऐसी जगह पर मौका देखा जहां सिनेमा और राजनीति कहीं और की तुलना में ज्यादा गहराई से जुड़े हुए हैं, लेकिन NDA अपने पास मौजूद मौके का फायदा नहीं उठा सका. कल्याण ने कहा, 'मुरुगन मनाडु के बाद, AIADMK-BJP गठबंधन इसे संभाल सकता था. उस एक मुद्दे से ही माहौल बदल गया. मुझे लगता है कि विजय ने उस मौके का फायदा उठाया.'
उन्होंने कहा कि पीछे मुड़कर देखने पर लगता है कि तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रमुख के. अन्नामलाई को 2024 के लोकसभा चुनावों में कोयंबटूर से हारने के बाद नहीं जाना चाहिए था। वहां DMK के गणपति पी. राजकुमार जीते थे. कल्याण ने कहा, 'कभी-कभी, आपको वहां मौजूद रहना पड़ता है. अपमान सहना पड़ता है.' उन्होंने कहा कि उन्होंने अन्नामलाई से सीधे कहा था कि आप तमिलनाडु का भविष्य हैं. आपको डटे रहना चाहिए. उन्होनें अन्नामलाई को बेहद ईमानदार व्यक्ति बताया, जिनका तमिलनाडु की संस्कृति के प्रति समर्पण एक अलग स्तर का है, चाहे वे BJP में रहें या अपना अलग रास्ता चुनें.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बात करते हुए, कल्याण ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर पाकिस्तान सीमा के पास दिए गए उनके स्वतंत्रता दिवस भाषण को याद किया. कल्याण ने NDTV से कहा, 'मुझे लगा कि यह व्यक्ति दिल से बात करते हैं. वह घुमा-फिराकर बात नहीं करते. जो सोचते हैं, वही कहते हैं.' उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने 2014 से काफी पहले उनसे मिलने का समय मांगा था.
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