मॉनसून सत्र के दूसरे हफ्ते का पहला दिन भी हंगामे के भेंट चढ़ गया. सरकार ने पेपर लीक मामले पर कड़े प्रावधानों वाला बिल पेश तो जरूर कर दिया, मगर उस पर बहस की शुरुआत नहीं करवा पाई.सबसे पहले प्रश्नकाल में विपक्ष के हंगामे की वजह से सदन स्थगित करना पड़ा. फिर 12 बजे लोकसभा का कार्यवाही फिर शुरू हुई तो सरकार की तरफ से बिल पेश कर दिया गया. मगर बहस की शुरुआत ही नहीं हो पाई. उसके बाद लोकसभा एक बार फिर 2 बजे चली और लोकसभा अध्यक्ष ने सभी सांसदों से आग्रह किया इस बिल में जो भी संशोधन चाहते हैं.
उसके लिए अपने-अपने सुझाव दें और इसके लिए 3 घंटे का समय दिया गया और कहा गया है कि 5 बजे लोकसभा फिर मिलेगी.5 बजे लोकसभा फिर मिली मगर बहस की फिर शुरुआत नहीं हो पाई और सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित हो गई. लोकसभा और राज्यसभा ना चलने के पीछे की असली कहानी रही विपक्ष का जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन और बिहार के सिवान में एके-47 से फायरिंग के मामले पर अड़े रहना.दरअसल INDIA गठबंधन की जो बैठक खरगे जी के कमरे में हुई, उसमें यह तय किया गया कि पेलेट गन के इस्तेमाल करने की अनुमति पर केन्द्रीय गृह मंत्री बयान दें.
इस पर बात नहीं बनी, तब विपक्ष ने भी यह तय कर लिया कि वो सदन नहीं चलने देगी. उधर डीएमके भी इस मामले में पीछे नहीं रहना चाहती थी. हालांकि वो अभी इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं है. मगर उन्होंने भी दोनों सदनों में नीट को खत्म करने के लिए कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया हुआ था. अब सबसे बड़ा सवाल है कि मंगलवार को दोनों सदनों में कामकाज हो पाएगा या नहीं. INDIA अलायंस के कई दल मानते हैं कि पेपर लीक बिल के मामले पर वो बहस में भाग लेना चाहते हैं. मगर मंगलवार को क्या होगा इस पर पक्का नहीं कहा जा सकता है. विपक्ष का कहना है कि पेलेट गन मामले में जो विपक्ष की मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री बयान दें उस पर बात आगे नहीं बढ़ी है.
विपक्ष का कहना है कि गृह मंत्री सदन में अपना एक बयान सदन में दे दें और उसके बाद कार्यवाही सुचारू रूप से चलेगी. उधर सरकार ने भी प्लान बी तैयार कर रखा है. यदि सदन में विपक्ष बिल के बहस के दौरान भी हंगामा करता है तो सरकार हंगामे के बीच में ही बिल पास करा सकती है. विपक्ष का इस मामले में कहना है कि सरकार को इतने महत्वपूर्ण बिल को हंगामे के बीच पास कराना नहीं चाहिए और विपक्ष से बात करके बीच का रास्ता निकालना चाहिए. विपक्ष के रणनीतिकारों का कहना है कि इस बिल पर बहस दो बजे से पहले शुरू नहीं होने देंगे और वो केंद्रीय गृह मंत्री के बयान की अपनी मांग जरूर रखेंगे. इस मामले में INDIA गठबंधन की मंगलवार को होने वाली बैठक महत्वपूर्ण हो गई है. वैसे मंगलवार को ही एनडीए का मंगल मिलन भी है, जहां प्रधानमंत्री एनडीए सांसदों को संबोधित करेंगे.
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