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'बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले...', गालिब का शेर सुनाकर जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पास हो गया है. इससे पहले बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा.

'बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले...', गालिब का शेर सुनाकर जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह.
IANS
नई दिल्ली:

एंटी-पेपर लीक बिल पर लोकसभा में बुधवार को चर्चा हो रही है. बुधवार को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी अपनी बात रखी, जिस पर हंगामा भी हुआ. इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तो केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह जवाब देने आए. इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए धरने पर निशाना साधने के लिए गालिब के शेर का इस्तेमाल किया. जितेंद्र सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी की हसरत है प्रधानमंत्री आवास में बैठने की लेकिन जब वो पूरी नहीं हो पाई तो 21 जुलाई को वो बाहर आकर बैठ गए.

जितेंद्र सिंह ने कहा कि 'मैं 21 जुलाई की कहानी सुनाता हूं. 21 जुलाई को नेता प्रतिपक्ष पता नहीं क्या सोचकर और किस उम्मीद से 7 लोक कल्याण मार्ग प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर बैठ गए. जब मंथन किया तो संभावना लगी कि बहुत जमाने से इनको हसरत सता रही थी कि देश इनको प्रधानमंत्री चुने और 7 LKM पर बैठाए. तो जब ये पूरी नहीं हुई तो हताश होकर बाहर जाकर बैठ गए. जब बड़ी विनम्रता से समझाने की कोशिश की गई कि ये आपको शोभा नहीं देता तो ये कहते हैं कि मुझे उठा लिया जाए. पुलिस को निवेदन करना पड़ा कि हट जाइए तो बड़े बैगरत होकर वहां से निकले.'

जब जितेंद्र सिंह ने सुनाया गालिब का शेर

उन्होंने कहा, 'और जैसा कल हमारे सदस्य कह रहे थे कि शुरू में तो ये उस आंदोलन से जुड़ने से परहेज कर रहे थे लेकिन जब इन्हें लगा कि आंदोलन उठने लगा तो जेन-जी के जबान में इनका MIA हो गया यानी मिसिंग इन एक्शन. और दूसरा जैसा कल बताया कि फोमो- फियर ऑफ मिसिंग फ्रॉम एक्शन, इसलिए ये जाकर बैठे. जब इन्हें उठाया गया तो गालिब का शेर याद आता है- बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले. बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले. यानी जो दबे हुए अरमान है, प्रधानमंत्री आवास में जाकर बसने की वो न मालूम किस किस प्रकार एक सप्ताह में जाहिर हुए.'

गोगोई-प्रियंका को भी दिया जवाब

जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी वाड्रा को भी जवाब दिया. उन्होंने गौरव गोगोई की ओर से छात्रों पर ज्यादती के लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि 'कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि मासूम बच्चों पर जिल्मो सितम ढाया गया. शायद उन्हें मालूम नहीं है. लेकिन जब हमने शोध किया तो लगा कि अपने अनुभव से बोल रहे थे. क्योंकि सन 1969 से 1984 तक जो असम में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स यूनियन का प्रदर्शन रहा तो उसमें 860 छात्र मारे गए. उस समय सरकार कांग्रेस की थी. इन्हें लगा कि जब हम अपने जमाने में छात्रों को कुचलने के लिए मौत के घाट उतारते थे, शायद उन्होंने भी ऐसा किया हो.'

प्रियंका गांधी के पेपर लीक से जुड़े आरोपों पर उन्होंने कहा कि 'प्रियंका गांधी जी ने बड़ी रोचक बात कही. उनका कहना है कि 152 पेपर लीक हुआ. ये आंकड़ा कहां से मिला. उससे भी बड़ी बात कि पेपर लीक से 750 करोड़ बच्चे प्रभावित हुए है. मैंने वेरिफाई किया है. 150 पेपर लीक 750 करोड़ बच्चे, मतलब 7.5 अरब, ये पूरी दुनिया की आबादी है. ना मालूम ये आंकड़ा कहां से आया? या तो ये मनगढ़ंत है, या शरारत है या इग्नोरेंस है. उन्होने कहा कि 2024 के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई. शायद उन्होंने अध्ययन नहीं किया कि 52 एफआईआर हो चुकी हैं.'

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शिक्षा को लेकर क्या हुआ? जितेंद्र सिंह ने गिनाए आंकड़े

जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के स्कूल बंद कर देने के आरोपों पर भी जवाब दिया. उन्होंने आंकड़े गिनाते हुए कहा कि 'वेणुगोपाल जी ने कहा कि हमने स्कूल बंद कर दिए. शायद वो ये कहते कि हायर एजुकेशन सिस्टम में 30 फीसदी बढ़ोतरी करने का काम भी इसी सरकार ने किया है. हमने यूनिवर्सिटी की संख्या 762 से बढ़ाकर 1093 कर दी है. हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन की संख्या 51,534 से 64,896 कर दी. ट्राइबल्स के लिए एकलव्य विद्यालय भी बनाए. इसी सरकार ने एनईपी लाई. वो आपका अधूरा काम और अधूरा पाप था.'

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में मंत्रालय का नाम एचआरडी था, जो कॉर्पोरेट में होता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में बच्चों पर एक ही कोर्स चुनने का दबाव होता है. 

उन्होंने कहा कि 'पहले यदि कोई माता-पिता अपने बच्चों को 12वीं कक्षा में मेडिकल चुनने के लिए इसलिए हिदायत देते हैं कि वो आगे चलकर डॉक्टर बन सकते हैं और वो नहीं बन पाता तो ये जरूरी था कि वो हर चीज उसी सब्जेक्ट में करेगा. लेकिन हम एंट्री एग्जिट लेकर आए. अगर वो डॉक्टर नहीं बना तो वो आगे अध्ययन जारी नहीं रखना चाहता तो वो किसी भी फील्ड में जा सकता है.'

जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि मोदी सरकार में मेडिकल कॉलेज और सीट कितनी बढ़ गई. उन्होंने बताया कि यही वो सरकार है जिसने मेडिकल एजुकेशन में भी एम्स की संख्या 7 से लेकर 22 तक बढ़ा दी. सरकारी मेडिकल कॉलेज 387 से 844 कर दिए, एमबीबीएस सीट 51,300 से 1.39 लाख कर दी, पीजी सीट 31,100 से 86300 तक कर दी गई.

बिल को लेकर क्या कहा?

उन्होंने एंटी पेपर लीक के बारे में कहा कि अब 5 महीने में ही पेपर लीक का पूरा फैसला हो जाएगा. उन्होंने कहा कि 'चाहते तो हम ये थे कि इस बिल पर गंभीर चर्चा होती क्योंकि जिस तरह से प्रधानमंत्री ने संवेदनशीलता से कार्रवाई की है.'

उन्होंने कहा कि 'पेपर लीक की जानकारी 7-8 जुलाई को आई. सीबीआई को सौंप दिया. 13 व्यक्ति हिरासत में लिए. 92 जगहों पर रेड की गई और 12 तारीख को ही सीबीआई को केस दिया गया और कल चार्जशीट दाखिल हो गई है और आज से ट्रायल भी शुरू हो गया. इस नए कानून के तहत पूरा का पूरा फैसला 5 महीने में हो जाएगा.'

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